यवतमाल

राष्ट्रीय महामार्ग निर्माण कंपनी का कामकाज रामभरोसे; घारापुर, हिमायतनगर रास्ता किचड से भरा

नवभारत डेस्क
  • फुलसावंगी पुल फिर ढहने के कगार पर
  • ब्राम्हणगांव में खोदे नाले से नागरिकों में रोष

उमरखेड. तहसील के राष्ट्रीय महामार्ग नंबर 752 (आय) पर स्थित कोपरगाव -औरंगाबाद - माहुर इस उमरखेड और महागांव तहसील से गुजरनेवाले महामार्ग का कार्य कछूआ गती से जारी है, तो दुसरी ओर विभीन्न समस्याओं और निर्माणकार्य कंपनी के लचर कामकाज से आम नागरिकों, वाहनचालकों और यात्रीयों को बेवजह तकलीफें सहनी पड रही है.

महामार्ग पर फुलसावंगी के निकट निर्माणाधिन पुलिया का काम धीमी गती से शुरु होने से कंपनी ने वैकल्पीक तौर पर कच्चा पुल बनाया हे, जो अतिवृष्टी को 2 बार बह चुका है,नाले की प्रवाह क्षमता को ध्यान लिए बिना कंपनी ने चालचलाऊ तौर पर कच्चे पुल की उपाययोजना करने से जोरदार बारिश और बाढ से यह पुल बह रहा है, फिर से बना कच्चा पुल अब ढहने की कगार पर है. इसके चलते यहां पर दुर्घटनाओं की आशंका जतायी जा रही है.

इसी रुद्रानी ईन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने ब्राम्हणगाव में गांव के बीच से गुजरनेवाले मार्ग पर 3 माह पहले 4 से 5 फिट गहरे नाले किी खुदाई की, जिसका कार्य पुरा न होने से गांव के नागरिकों को तकलीफें सहनी पड रही है. इसके अलावा इसी कंपनी ने घारापुर से हिमायतनगर रास्ता खोदकर उसपर मिटटी डाल दी, जिससे कंपनी की गैरजिम्मेदारी से बारिश में यह रास्ता बंद होने की जानकारी इस मार्ग से गुजरनेवाले यात्रीयों और नागरिकों ने दी.जिससे यवतमाल जिलाधिकारी द्वारा निर्माणकार्य कंपनी के लचर काम पर नकेल कसने की मांग की जा रही है.

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