यवतमाल. स्थानीय वंसतराव नाईक सरकारी महाविद्यालय में नर्सिंग के प्रथम वर्ष में अध्ययन कर रही छात्रा निकिता कैलास राऊत (18) शनिवार की देर रात मौत हुई, मृतक के पिता ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शहर पुलिस थाना में शिकायत की गई है.
दिग्रस तहसील के तुपटाकली निवासी निकिता राऊत वंसतराव नाईक सरकारी महाविद्यालय में पारिचारका (नर्सिंग) के प्रथम वर्ष की पढाई कर रही थी. निकिता महाविद्यालय के छात्रावास में ही निवास करती थीं. ऐसे में निकिता दो दिनों से बीमार होने के बावजूद उसे संबधित छात्रावास अधीक्षक ने उसे उपचार के लिए दाखिल नहीं किया. ऐसे में निकिता को शनिवार की दोपहर 3 बजे के आसपास अचानक दक्षता विभाग में उपचार के लिए भर्ती किया गया. उसके बाद आयसीयू में रेफर किया गया.
इसी बीच निकिता के अभिभावकों को सूचित किया गया. ऐसे में निकिता की रात 11 बजे के आसपास मौत हो गई. परिजनों ने अपने शिकायत में कहा कि, निकिता की छात्रावास में तबीयत खराब हुई है तो उसकी सूचना अभिभावकों पहले क्यों नहीं दी गई. निकिता की तबीयत चिंताजनक होने के बाद छात्रावास प्रशासन ने फोन कर निकिता को घर क्यों ले जाने के लिए कहा गया. उक्त मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए मृतक के पिता ने शहर पुलिस थाना में शिकायत की है.
नर्सिग की पढाई कर रही छात्रा निकिता की मौत खराब सुनते ही निकिता के परिजन समेत रिश्तेदारों ने अस्पातल परिसर में भीड की थी. साथ ही अनूचित घटना ना हो इस वजह से पुलिस ने कडा बंदोबस्त रखा था.
शनिवार की दोहपर निकिता की अचानक तबीयत खराब होने की वजह से उसे दक्षता विभाग में भर्ती किया गया. साथ ही तबियत में कोई सुधार नही होने के बाद उसे तत्काल आयसीयू में रेफर किया. ऐसे में प्रशासन ने छात्रावास में पढाई कर रही अन्य छात्राए को आवकाश पर क्यों भेज दिया यह सवाल उठने लगा है.