Shivnala Tribal Farmers: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अंतर्गत केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर की ओर से केंद्र सरकार प्रायोजित अनुसूचित जनजाति विकास कार्य योजना के तहत तालुका के ग्राम शिवनाला में एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण, कार्यशाला एवं कृषि उपयोगी निविष्ठा वितरण कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को किया गया।
यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक डॉ. वी. एन. वाघमारे तथा योजना समन्वयक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दीपक नगराले के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. शिवाजी ठुबे (कीट विज्ञान), डॉ. सुहास करकुटे (जैव प्रौद्योगिकी), वरिष्ठ तकनीकी सहायक रामटेके, मंडल कृषि अधिकारी किशोर डोंगरकर, ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट के सातपुते, भास्कर टेकाम, सहायक कृषि अधिकारी विनायक जुमनाके, ग्राम विकास अधिकारी अविनाश टेकाम, सरपंच शशिकला आत्राम, उपसरपंच प्रभाकर आत्राम, सामाजिक कार्यकर्ता हरिभाऊ रामपुरी, समीना टेकाम सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित थे।
भगवान बिरसा मुंडा एवं भारत माता की प्रतिमा के पूजन और दीप प्रज्वलन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन आर. एम. रामटेके ने किया। इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को तिरपाल, टॉर्च, घुलनशील एवं जैविक उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व तथा कीटनाशक सहित विभिन्न कृषि उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया। कार्यक्रम का लाभ ग्राम शिवनाला के कुल 60 आदिवासी किसानों को मिला। अंत में सहायक कृषि अधिकारी विनायक जुमनाके ने उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं किसान भाइयों का आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. शिवाजी ठुबे ने योजना के उद्देश्यों एवं रूपरेखा के साथ कपास फसल में प्रमुख कीट एवं रोगों के एकीकृत प्रबंधन की जानकारी दी। डॉ. सुहास करकुटे ने कपास की नई संकरित एवं सीधी किस्मों की जानकारी किसानों को दी। आर. एम. रामटेके ने एकीकृत पोषक तत्व एवं उर्वरक प्रबंधन, सघन कपास खेती तथा कम दूरी की बुआई पद्धति के बारे में मार्गदर्शन किया। मंडल कृषि अधिकारी किशोर डोंगरकर ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।