Shenand Health Department Survey: महागांव तहसील के ग्राम शेनंद में पिछले चार दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच बुखार से एक 3 वर्षीय बालक की मौत होने से गांव में चिंता का माहौल है। ग्राम विकास अधिकारी ने गांव के करीब 70 प्रतिशत नागरिकों के बुखार से पीड़ित होने की प्राथमिक रिपोर्ट तहसीलदार अभय मस्के को सौंपी है। मृत बालक का नाम रुद्रांश राहुल पवार (3) है। गुरुवार को रुद्रांश को बुखार आने पर उपचार के लिए महागांव के एक डॉक्टर के पास ले जाया गया था।
दिनभर वह सामान्य रूप से खेल रहा था। पर शाम के समय उसे दोबारा तेज बुखार आया। परिजन उसे आगे के उपचार के लिए पुसद ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिछले चार दिनों में शेनंद गांव में बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। बालक की मौत के बाद गांव में बढ़ते बुखार के मामलों का मुद्दा गंभीर हो गया है। ग्राम विकास अधिकारी ने तहसीलदार को प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी है। इसमें नागरिकों के बुखार से पीड़ित होने की जानकारी दी गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रतिबंधात्मक उपाय शुरू किए हैं। तालुका स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में शेनंद गांव में कीटशास्त्रीय सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान जिन पानी के कंटेनरों में मच्छरों के लार्वा पाए गए, उनमे टेमीफॉस द्रावण डाला गया।
साथ ही दूषित एवं जमा पानी वाले कुछ कंटेनरों को खाली कराया गया, स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नागरिकों से सप्ताह में कम से कम एक दिन 'ड्राई डे' मनाने का आह्वान किया है। घर के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की गई है। पुराने टायर, गमले, कबाड़ एवं अन्य सामान में पानी जमा होने पर मच्छरों की उत्पत्ति होने की संभावना रहती है। इसलिए नागरिकों से ऐसे सामान की उचित तरीके से सफाई अथवा निपटारा करने का आह्वान किया गया है।
अमरावती पुलिस परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. महेश पाटिल ने शनिवार को यवतमाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दौरा कर जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने दर्ज अपराधों, लंबित मामलों, जांच की प्रगति तथा कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्योरा लिया।
वही गणेशोत्स्व को लेकर कड़ा बंदोबस्त रखने के निर्देश दिए। क्राइम मीटिंग में पुलिस अधिकारियों से विभिन्न अपराधों की स्थिति और उनके निराकरण को लेकर जानकारी ली गई। आईजी ने गंभीर मामलों की जांच में तेजी लाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा करने तथा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।