State Information Commissioner Amravati: स्थानीय आरटीआई कार्यकर्ता गुलाम अब्बास द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई आपूर्ति विभाग की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त, अमरावती खंडपीठ ने दो सुनवाई के बाद जन सूचना अधिकारी पर 5,000 का जुर्माना लगाने का आदेश पारित किया है। इस महत्वपूर्ण फैसले से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आरटीआई कार्यकर्ता गुलाम अब्बास गुलाम अहमद ने नियमानुसार सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आपूर्ति विभाग से जानकारी मांगी थी।
संबंधित जन सूचना अधिकारी आर.बी. डाबेराव ने निर्धारित समय सीमा में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद अपीलकर्ता ने प्रथम अपील दायर की। प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा तहसीलदार मूर्तिजापुर, जिला अकोला, शिल्पा बोबडे ने जन सूचना अधिकारी को अपीलकर्ता गुलाम अब्बास को निःशुल्क सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद जन सूचना अधिकारी ने समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद अपीलकर्ता ने राज्य सूचना आयुक्त, अमरावती के समक्ष द्वितीय अपील दायर की। राज्य सूचना आयुक्त रविंद्र ठाकरे ने दो सुनवाई के बाद जन सूचना अधिकारी को दोषी ठहराते हुए 5,000 का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। आदेश में कहा गया कि सूचना उपलब्ध कराने में 100 दिनों से अधिक की देरी हुई है।
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इसलिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 198ग तथा धारा 201 के तहत 5,000 की दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। आरटीआई कार्यकर्ता गुलाम अब्बास ने आदेश पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि आपूर्ति विभाग से समय पर जानकारी मिल जाती, तो विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सकता था।