यवतमाल में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या (फाइल फोटो, सोरेस-नवभारत) 
यवतमाल

पेट्रोल-डीजल की महंगाई से नागरिकों का झुकाव Electric Vehicles की ओर, सड़कों पर दौड़ रहे हैं 368 ई-रिक्शा

Rise In Electric Vehicles: यवतमाल में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों व ईंधन संकट के बीच EV's की मांग बढ़ रही है। जिले में 368 ई-रिक्शा संचालित हैं और इनके पंजीकरण में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

अनन्या तिवारी

Electric Vehicles Becoming Popular In Yavatmal : यवतमाल पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों तथा हाल के दिनों में ईंधन की कमी जैसी परिस्थितियों के कारण लोगों का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रहा है। जिले में वर्तमान में 368 ई-रिक्शा संचालित हो रही हैं, हालांकि जिले के आकार और जरूरतों को देखते हुए यह संख्या अभी भी कम मानी जा रही है।

पेट्रोल की कीमतें लंबे समय से 100 रुपये प्रति लीटर के पार बनी हुई हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण समय-समय पर ईंधन की उपलब्धता प्रभावित होने से नागरिकों ने वैकल्पिक परिवहन साधनों की तलाश शुरू कर दी है। परिणामस्वरूप कार, मालवाहक वाहन, यात्री वाहन और रिक्शा जैसे क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है।

पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बन रहे इलेक्ट्रिक वाहन

यवतमाल में भी ई-वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में धुआं और शोर फैलाने वाले पारंपरिक वाहनों की तुलना में शांत, पर्यावरण-अनुकूल और ईंधन की बचत करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन अधिक दिखाई देने की संभावना है।

कम खर्च और आसान संचालन से बढ़ी लोकप्रियता

आसान परमिट व्यवस्था और कम संचालन खर्च के कारण ई-रिक्शा को विशेष पसंद मिल रही है। जिले में वर्तमान में यात्री और मालवाहक मिलाकर 368 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रही हैं। शुरुआती दौर में ई-रिक्शा को लेकर कई तरह की शंकाएं थीं। लोगों को लगता था कि ये भारी सामान ढोने में सक्षम नहीं हैं, बारिश के मौसम में बंद पड़ सकती हैं और चार्जिंग की सुविधा भी मुश्किल होगी। लेकिन समय के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगिता और किफायत लोगों के सामने स्पष्ट होने लगी है।

इलेक्ट्रिक मालवाहकों की संख्या भी बढ़ रही

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती महंगाई ने भी लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित किया है। उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। संचालन में सरलता, कम खर्च और एक हाथ से आसानी से नियंत्रित होने जैसी विशेषताओं के कारण ई-रिक्शा परिवहन व्यवसायियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।

इलेक्ट्रिक माल वाहकों की संख्या भी बढ़ रही

यवतमाल के उप प्रादेशिक परिवहन अधिकारी प्रशांत देशमुख का कहना है कि आसानी से मिलने वाले परमिट और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण नागरिक अब इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मालवाहक और यात्री परिवहन के लिए उपयोग होने वाले ई-वाहनों की संख्या में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है।

आज की ताजा खबर 21 अगस्त LIVE: पुलिस ने मानी धरने पर बैठे राहुल गांधी की मांग, पेलेट गन केस में दर्ज हो रही FIR

पुलिस ने मानी धरने पर बैठे राहुल गांधी की मांग, पेलेट गन केस में दर्ज हो रही FIR

NHAI Recruitment 2026: मैनेजर और DGM के 60 पदों पर बंपर भर्ती, 21 सितंबर तक करें आवेदन; जानें योग्यता, सैलरी

दिल्ली के करोल बाग में बड़ा हादसा, बिल्डिंग गिरने से मलबे में दबे लोग, एक की मौत

जंतर-मंतर आंदोलन को लेकर RSS की दो टूक, युवाओं की चिंता समझे सरकार, दूर हों सिस्टम की खामियां