पीड़ित किसान  सोर्स- सोशल मीडिया
यवतमाल

मजबूरी का उठाया फायदा! पांढरकवडा में किसानों से कुछ रुपयों के बदले ऐंठी जमीन, अवैध साहूकारी का खुलासा

Illegal Lending Dispute: यवतमाल जिले में अवैध साहूकारी भूमि विवाद, किसानों का आरोप है कि कम रकम के बदले जमीन के व्यवहार कराए गए और रकम लौटाने के बाद भी जमीन वापस नहीं मिली, मामले में जांच की मांग।

प्रमोद यादव

yavatmal Farmers Illegal land Grab: महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर अंकुश लगाने के लिए कानून होने के बावजूद पांढरकवडा तहसील में कुछ किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का दावा है कि आर्थिक संकट का फायदा उठाकर एक व्यापारी ने कई गांवों के किसानों से कम रकम में जमीन के व्यवहार कराए और वर्षों बाद भी जमीन वापस नहीं की।

दहेली तांडा, वसंत नगर परिसर समेत आसपास के गांवों के किसानों के अनुसार, आर्थिक जरूरत के समय उन्हें 60 से 70 हजार रुपये तक की रकम दी गई। आरोप है कि इसके बदले 100 रुपये के स्टांप पेपर पर व्यवहार कराया गया। किसानों का दावा है कि ली गई रकम के मुकाबले काफी अधिक जमीन संबंधित व्यापारी और उसके रिश्तेदारों के नाम कर दी गई।

रकम लौटाने के बाद भी जमीन नहीं मिली

पीड़ित किसानों का कहना है कि कई लोगों ने उधार ली गई रकम ब्याज समेत वापस कर दी। इसके बावजूद जमीन का कब्जा और मालिकाना हक उन्हें नहीं लौटाया गया। जमीन वापस मांगने पर कथित तौर पर बार-बार नई तारीख दी जाती है, जिससे किसान वर्षों से संबंधित लोगों के चक्कर काट रहे हैं।

एक किसान ने बताया कि उसके पिता ने वर्ष 1992 में 60 हजार रुपये लिए थे। किसान के मुताबिक, करीब आठ से नौ साल बाद ब्याज सहित पूरी रकम लौटा दी गई, लेकिन इसके बावजूद जमीन आज तक वापस नहीं मिली। किसान का आरोप है कि जमीन वापस लेने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है।

दस्तावेजों की जांच की मांग

यवतमाल जिले के किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित स्टांप पेपर, जमीन हस्तांतरण के दस्तावेज, पैसों के लेन-देन और व्यवहार में शामिल लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। साथ ही दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

किसानों का कहना है कि लंबे समय से जमीन का हक नहीं मिलने के कारण कई परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। अब उनकी शिकायत प्रशासन तक पहुंचने और कार्रवाई होने की उम्मीद है।

प्रशासन ने कहा- शिकायत मिलने पर होगी जांच

जिला उपनिबंधक अधिकारी अर्चना मालवे ने कहा कि कार्यालय को अब तक इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के साथ ऐसा कोई मामला हुआ है तो वे सामने आकर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी और अवैध साहूकारी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब किसानों की शिकायतें औपचारिक रूप से प्रशासन तक पहुंचती हैं या नहीं और जांच के बाद जमीन के पुराने मालिकों को उनका हक वापस मिलता है या नहीं, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजरें टिकी हैं।

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