SDO के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन (सौजन्य-नवभारत) 
यवतमाल

Malegaon Rape Case: दुष्कर्म मामले से उबला यवतमाल, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कड़ी सजा देने की उठी मांग

Yavatmal News: मालेगांव में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद उमरखेड़ व यवतमाल में सुनार समाज का आक्रोश। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में केस और कड़ी सजा की मांग तेज।

प्रिया जैस

Malegaon Crime Case: मालेगांव तालुका के ग्राम डोंगराले की 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और बेरहमी से हत्या करने वाले दरिंदे खैरनार पर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में केस चलाकर बिना देर किए सज़ा मिलनी चाहिए। संत नरहरि महाराज सुवर्णकार संगठन ने उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक ज्ञापन सौंपा और घटना की निंदा की। मालेगांव तालुका के डोंगराले की 4 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई।

आरोपी विजय खैरनार ने हैवानियम की हद पार कर दी। मासूम का चेहरा पत्थर से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने समाज को सुन्न कर दिया है। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि समाज से ऐसी प्रवृतियों को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए सरकार को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में केस चलाना चाहिए और जल्द से जल्द सख्त से सख्त सज़ा देनी चाहिए। अगर सरकार इस अमानवीय घटना पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती है, तो पूरे राज्य में गुस्सा फूटेगा और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इस मौके पर संत नरहरि महाराज सुवर्णकार समाज संगठन के अध्यक्ष सुनील टाक, सचिव राम बोकन, कैलास उदावंत, सतीश श्रीरामजवार, सुनील उदावंत, देवीदास शहाणे, अतुल मैद, अतुल उदावंत, नितिन शहाणे, वैभव उदावंत, सावन टाक, अतुल पट्टेवार, शंकरराव काले सहित सैकड़ों सुनार मौजूद थे।

यवतमाल में मालेगांव घटना की निंदा

मालेगांव में चार साल की बच्ची को बेरहमी से मार डाला गया। यवतमाल में आज सर्व शाखीय सोनार महासंघ ने इस घटना की निंदा की। साथ ही, निवासी उप जिलाधिकारी अनिरुद्ध बख्शी को एक ज्ञापन सौपा। जिस में गुनहगार को फांसी की सजा देने की मांग की गई। मालेगांव तालुका के डोंगराले की चार साल की बच्ची को नराधम ने बेरहमी से मार डाला। इंसानी समाज पर कलंक लगाने वाली इस घटना की यवतमाल में निंदा की गई।

सर्व शाखीय सोनार महासंघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपकर ऐसे अपराधी को फांसी की सजा देने की मांग की है। इस मौके पर प्रवीण हर्षे, प्रशांत जरकर, किरण खरवड़े, प्रशांत सावलकर, विकास जावलकर, विक्रम भरणे, अमोल इनकाणे, प्रशांत रोकड़े, उमेश धोमाने, लक्ष्मीकांत लोलगे, नाना खरवड़े, नाना हर्षे, राजेश तलंकर, अशोक तालनकर और दूसरे सोशल एक्टिविस्ट मौजूद थे।

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