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यवतमाल

यवतमाल में साहूकारी का अनोखा सच: इस तहसील में एक भी साहूकार नहीं, जानें आपके इलाके का हाल

Yavatmal Money Lenders List: यवतमाल जिले में लाइसेंसधारी साहूकारों के आंकड़े सामने आए हैं। यवतमाल तहसील 41 साहूकारों के साथ शीर्ष पर है, जबकि झरी जामणी तहसील में एक भी पंजीकृत साहूकार मौजूद नहीं है।

प्रमोद यादव

Highlights

  • यवतमाल तहसील में सबसे अधिक 41 लाइसेंसधारी साहूकार दर्ज हैं।

  • घाटंजी तहसील में 17 लाइसेंसधारी साहूकार हैं।

  • नेर और पुसद में 12-12 साहूकार पंजीकृत हैं।

  • केलापुर और रालेगांव में पांच-पांच लाइसेंसधारी साहूकार हैं।

  • झरी जामणी तहसील में एक भी लाइसेंसधारी साहूकार दर्ज नहीं है।

Zari Jamani No Money Lender: यवतमाल जिले में खरीफ सीजन में कपास, सोयाबीन और तुअर जैसी प्रमुख फसलों ने किसानों का साथ छोड़ दिया है। बारिश में लंबे अंतराल के कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है, जबकि रबी सीजन पर भी सूखे का संकट मंडरा रहा है।

ऐसे में किसानों के सामने सवाल खड़ा है कि हाथ में पैसा नहीं होने के बावजूद रबी की बुआई के लिए पूंजी कैसे जुटाएं और दिवाली का त्योहार कैसे मनाएं, किसानों की इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कई निजी साहूकारों ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है।

यवतमाल जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान 115 अधिकृत साहूकार दर्ज थे। सूखे की स्थिति को देखते हुए आगामी समय में इनकी संख्या बढ़ने की आशंका है। जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 115 लाइसेंसधारी साहूकारों का पंजीकरण है। इनके द्वारा कुल 75 लाख 69 हजार रुपये का कर्ज वितरित किए जाने का रिकॉर्ड है।

इसमें व्यापारी और अन्य वर्गों को वितरित किए गए कर्ज का भी समावेश है। हालांकि, इस अवधि में किसी भी व्यापारी को कर्ज दिए जाने का रिकॉर्ड नहीं है। इसमें किसानों का वर्ग शामिल होने की संभावना है। आगामी समय में सूखे की स्थिति को देखते हुए अवैध साहूकारों के भी सक्रिय होने से किसानों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

ब्याज वसूली के नियम क्या कहते हैं?

लाइसेंसधारी साहूकारों की कर्ज वितरण के लिए शासन द्वारा ब्याज दरें निर्धारित की गई है। वार्षिक ब्याज दर की सीमा तय होने के कारण वे मनमाना ब्याज नहीं वसूल सकते, साहूकारी को कर्जदार से मूलधन की दोगुनी राशि से अधिक बयाज वसूलने की अनुमति नहीं है।

साथ ही कर्ज पर चक्रवृद्धि बाज लगाने पर प्रतिबंध है। कर्ज वसूली के लिए जबरन संपत्ति अपने नाम करवाना भी नियमों के विरुद्ध है। वसूली के दौरान नियमों के विरुद्ध छिपे हुए शुल्क वसूलने पर भी प्रतिबंध है।

झरी जामणी तहसील में एक भी साहूकार नहीं

यवतमाल तहसील में सबसे अधिक 41, जबकि घाटंजी तहसील में 17 लाइसेंसधारी साहूकार हैं। इसके बाद नेर और पुसद तहसीलों में प्रत्येक 12 साहूकारों का पंजीकरण है। केलापुर और रालेगांव तहसीलों में पांच-पांच, बाबुलगांव में चार, जबकि कलंब, दरव्हा, दिग्रस और मारेगांव तहसीलों में तीन-तीन लाइसेंसधारी साहूकार हैं। उमरखेड, महागांव, आर्णी और वणी तहसीलों में दो-दो लाइसेंसधारी साहूकार दर्ज हैं। झरी जामणी तहसील में एक भी लाइसेंसधारी साहूकार नहीं है।

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