Yavatmal Municipal Council Water Leakage: यवतमाल जिले के दिग्रस शहर के पुराने बस स्थानक क्षेत्र में पिछले 12 दिनों से नगर परिषद की पेयजल पाइपलाइन में लगातार लीकेज होने से प्रतिदिन हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल व्यर्थ बह रहा है। पाइपलाइन से रिस रहा पानी सड़क पर जमा होने के कारण सड़क निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि लीकेज के चलते कई क्षेत्रों में नागरिकों के घरों तक गंदा और मटमैला पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान नगर परिषद की जलापूर्ति पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक स्थायी मरम्मत नहीं कराई है।
सड़क पर पानी जमा रहने से निर्माण कार्य में बाधा आ रही है और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पाइपलाइन लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल नालियों और सड़क पर बहकर व्यर्थ जा रहा है। एक ओर शहर के कई हिस्सों में नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह पानी की बर्बादी लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है।
क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण कई इलाकों में गंदा और मटमैला पानी सप्लाई होने की शिकायतें सामने आई हैं। नागरिकों का कहना है कि दूषित पानी पीने से पेट संबंधी बीमारियां, दस्त, उल्टी तथा अन्य संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
लगातार हो रहे लीकेज के कारण सड़क पर पानी जमा रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। पानी की निकासी के लिए अस्थायी रूप से जेसीबी (JCB) की मदद से पानी नालियों में छोड़ा गया, लेकिन पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।
नागरिकों ने दिग्रस नगर परिषद प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत कराने, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल पानी की बर्बादी का मामला नहीं है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और शहर के विकास कार्यों से जुड़ा गंभीर विषय है। यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि संबंधित ठेकेदार के पीछे कुछ नगरसेवकों का संरक्षण होने के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है। नागरिकों का कहना है कि ठेकेदार के बिल पास कराने के लिए नगरसेवक सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन पाइपलाइन की मरम्मत और नागरिकों की समस्या दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।