World Marathi Literature Conference: दुनिया भर में बसे मराठी भाषियों, उद्यमियों और मराठी संस्कृति को वैश्विक मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से अगला ‘विश्व मराठी साहित्य सम्मेलन’ लंदन में आयोजित किया जाएगा। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लंदन स्थित ऐतिहासिक महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की ओर से सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें ‘ग्लोबल प्राइड ऑफ महाराष्ट्र’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
महाराष्ट्र भवन में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में मराठी समाज के लोग शामिल हुए। युवाओं ने ढोल-ताशों की गूंज के बीच पारंपरिक तरीके से उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया। ‘जय महाराष्ट्र’ और ‘जय भवानी-जय शिवाजी’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। शिंदे ने इस जोशीले स्वागत की सराहना करते हुए लंदन में रहने वाले मराठी समाज को आगामी गणेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
सम्मान के जवाब में एकनाथ शिंदे ने कहा कि मराठी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में चला जाए, वह अपनी मिट्टी, भाषा और संस्कृति को नहीं भूलता। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा को केंद्र सरकार द्वारा ‘अभिजात भाषा’ का दर्जा मिलना गौरव की बात है। अब मराठी भाषा की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने और दुनिया भर के मराठी भाषियों को जोड़ने के लिए लंदन में विश्व मराठी साहित्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। साथ ही, दुनिया भर के मराठी भाषियों के लिए एक केंद्रीय संस्था स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि विदेश में रहने के बावजूद महाराष्ट्र मंडल जिस तरह भाषा, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ा रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने मराठी अस्मिता को बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार महाराष्ट्र मंडल के साथ मजबूती से खड़ी है।
शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने अटल सेतु, समृद्धि महामार्ग, मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक टनल और वधावन बंदरगाह जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराष्ट्र देश का ‘ग्रोथ इंजन’ और ‘पावर हाउस’ बन रहा है।
शिंदे ने कहा कि लंदन का महाराष्ट्र से ऐतिहासिक संबंध रहा है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, लोकमान्य तिलक और वीर सावरकर का लंदन से जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने लंदन में डॉ. आंबेडकर के निवास स्थान को स्मारक के रूप में विकसित किया है।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भूषण गगराणी, वरिष्ठ कवि अशोक नायगांवकर, महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सदस्य डॉ. गोविंद कानेगांवकर, अध्यक्ष वृषाल खांडके, मराठी भाषा संचालक श्यामकांत देवरे, अभिनेता-निर्माता मंगेश देसाई सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शिंदे ने कहा कि ‘महाराष्ट्र का विकास और प्रगति ही सरकार का मुख्य एजेंडा है।’