जयकुमार गोरे, (मंत्री, महाराष्ट्र सरकार)  
महाराष्ट्र

Maharashtra: मंत्री जयकुमार गोरे पर आरोप लगाने वाली महिला गिरफ्तार, करोड़ों रुपये की उगाही का मामला

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला ने मामला रफा-दफा करने के लिए तीन करोड़ रुपये मांगे थे। उसे कुल रकम में से एक करोड़ रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

मनोज आर्या

सतारा: महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार गोरे पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला को कथित तौर पर जबरन वसूली करने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले के मान विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गोरे राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री हैं। एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार महिला की पहचान अभी उजागर नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि उसे सतारा में स्थानीय अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला ने मामला रफा-दफा करने के लिए तीन करोड़ रुपये मांगे थे। उसे कुल रकम में से एक करोड़ रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। विपक्षी दल महिला को परेशान करने और उसे आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने के आरोपों को लेकर गोरे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन मंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें पहले ही अदालत ने बरी कर दिया है।

2019 में निचली अदालत से बरी हुए थे जयकुमार गोरे

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयकुमार गोरे ने पहले कहा था कि 2017 में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 (महिला का शील भंग करने) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन निचली अदालत ने उन्हें 2019 में बरी कर दिया था। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के विधायक रोहित पवार ने पूछा कि आखिर महिला को पैसे क्यों दिए जा रहे थे और इसका स्रोत क्या था। मुंबई में विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए रोहित ने कहा था कि तीन करोड़ रुपये बहुत बड़ी रकम है। महिला को एक करोड़ रुपये क्यों दिए गए? उसके पास ऐसा क्या था, जिसके लिए उसे पैसे दिए जाने चाहिए थे? एक करोड़ रुपये कहां से आए? अगर आप इतने साफ-सुथरे हैं, तो आप उसे (महिला की कथित धमकियों को) नजरअंदाज कर सकते थे। महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

गोरे की इस्तीफे की मांग कर रहा है विपक्ष

इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने गोरे के इस्तीफे की मांग की थी। खासकर, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राऊत और एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया। हालांकि, मंत्री जयकुमार गोरे ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पुराने और खत्म हो चुके मामले को दोबारा उठाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। इसी के चलते गोरे ने विधानसभा में संजय राऊत और रोहित पवार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव (ब्रीच ऑफ प्रिविलेज मोशन) दायर कर दिया है।

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