Washim Cataract Free District MoU: महाराष्ट्र के वाशिम जिले के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर नेत्र सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
जिले को ‘मोतियाबिंद मुक्त’ बनाने के उद्देश्य से वाशिम जिला प्रशासन और जेएम फाइनेंशियल फाउंडेशन के बीच करार किया गया है।
मुंबई स्थित सह्याद्री गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। वाशिम जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर और जेएम फाइनेंशियल फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक पूजा दवे ने करार पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पिछले कई वर्षों से ‘मोतियाबिंद मुक्त महाराष्ट्र’ बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों को किसी जिम्मेदार संस्था का सहयोग मिलता है तो इन प्रयासों का प्रभाव और व्यापक हो जाता है। उन्होंने सरकारी व्यवस्था के समानांतर नई प्रणाली बनाने के बजाय मौजूदा सरकारी व्यवस्था को मजबूत करने के फाउंडेशन के दृष्टिकोण की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता केवल वाशिम जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में पूरे महाराष्ट्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है।
जेएम फाइनेंशियल फाउंडेशन के अध्यक्ष निमेश कंपानी ने संस्था के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन सरकार के साथ प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उसके साथ मिलकर काम करना चाहता है। संस्था का उद्देश्य सरकारी प्रयासों को सहयोग देकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।
इस करार से वाशिम जिले में नेत्र सेवाओं को मजबूत करने और मोतियाबिंद से प्रभावित लोगों तक उपचार की सुविधा पहुंचाने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।