पक्ष प्रवेश की फोटो (सोर्स: साेशल मीडिया) 
वाशिम

ठाकरे को विदर्भ में बड़ा झटका, 29 गाड़ियों का काफिला और 250 पदाधिकारियों के साथ सुरेश मापारी भाजपा में शामिल

Washim Political News: वाशिम के दिग्गज नेता सुरेश मापारी ने ठाकरे का साथ छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है। वाहनों के काफिले और 250 समर्थकों के साथ हुए इस प्रवेश ने महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली मचा दी है।

गोरक्ष पोफली

Suresh Mapari BJP Entry: महाराष्ट्र के वाशिम जिले में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। विधान परिषद चुनावों की गहमागहमी के बीच, वाशिम के कद्दावर नेता और पूर्व जिला प्रमुख सुरेश मापारी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी भाजपा का दामन थाम लिया है।

सुरेश मापारी का भाजपा में प्रवेश महज एक दलबदल नहीं, बल्कि एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन था। वे वाशिम से 29 वाहनों के लंबे काफिले के साथ मुंबई पहुंचे। उनके साथ उद्धव गुट के 200 से 250 प्रमुख पदाधिकारी, सरपंच और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल थे। मुंबई में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की उपस्थिति में उन्होंने आधिकारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उद्धव सेना के 8 पार्षदों ने भी भाजपा में प्रवेश किया, जिससे स्थानीय नगर निकाय के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।

पद से हटाया जाना और आंतरिक कलह

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सुरेश मापारी की नाराजगी तब शुरू हुई जब उन्हें अचानक जिला प्रमुख के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह बालाजी वानखेड़े को नया जिला प्रमुख नियुक्त किया गया था। पद से हटाए जाने के मात्र दो दिन के भीतर ही मापारी ने इतना बड़ा फैसला लेकर उद्धव ठाकरे को चुनौती दे दी। इसके अलावा, मापारी की नाराजगी के पीछे सांसद संजय देशमुख की कार्यशैली को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। काफी समय से चर्चा थी कि वे एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होंगे, लेकिन अंततः उन्होंने भाजपा को चुना।

वाशिम की राजनीति में मापारी का दबदबा

सुरेश मापारी वाशिम जिले के एक दिग्गज और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके पास प्रशासनिक और सांगठनिक कार्यों का लंबा अनुभव है, वे पूर्व जिला परिषद सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने वित्त एवं निर्माण समिति के सभापति के रूप में कार्य किया है। वे कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के सभापति भी रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में मापारी का कार्यकर्ताओं और मतदाताओं का एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। उनके भाजपा में जाने से आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में शिवसेना (UBT) को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाजपा को मिली मजबूती, ठाकरे गुट को बड़ी क्षति

विधान परिषद चुनाव के मुहाने पर हुआ यह दलबदल रणनीतिक रूप से भाजपा के लिए एक बड़ी जीत है। वाशिम जैसे जिले में, जहाँ ग्रामीण राजनीति बहुत मायने रखती है, मापारी जैसे 'निष्ठावान' नेता का साथ छोड़ना उद्धव ठाकरे के लिए एक गहरा जख्म है। इस प्रवेश के बाद वाशिम में भाजपा की सांगठनिक शक्ति दोगुनी हो गई है, जबकि उद्धव ठाकरे गुट को अब नए सिरे से अपनी जमीन तलाशनी होगी।

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