निम्न वर्धा परियोजना  (सोर्सः सोशल मीडिया)
वर्धा

वर्धा में जलसंकट की आहट, 519 ग्राम पंचायतों को पानी की स्थिति पर रिपोर्ट देने के निर्देश

Wardha Water Crisis: कम बारिश के कारण वर्धा जिले में संभावित जलसंकट को देखते हुए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। 519 ग्राम पंचायतों से जलस्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।

आंचल लोखंडे

Wardha Reservoir Water Level: इस वर्ष अत्यल्प बारिश होने से भविष्य में वर्धा जिले में भीषण जलसंकट गहराने के आसार बने हुए हैं। संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने जिले की आठों पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली सभी 519 ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र की जलसंकट स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इसके आधार पर वर्ष 2026-27 के लिए जलसंकट निवारण उपाययोजना का कार्ययोजना प्रारूप जल्द तैयार किए जाने की संभावना है। हर वर्ष गर्मी के मौसम में जलसंकट से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाती है। सामान्यतः 1 अक्टूबर से 31 जून तक तीन चरणों में इस प्रारूप को मंजूरी दी जाती है। वर्ष 2025-26 में दो चरणों में प्रारूप मंजूर किया गया था। इसमें करीब 1015 गांवों में जलसंकट से निपटने के लिए 1163 उपाययोजनाएं प्रस्तावित की गई थीं। इनमें अधिकांश कार्य जिले में पूर्ण हो चुके हैं।

करीब 70 प्रतिशत जल भंडारण

उपाययोजनाओं में नई बोरवेल का निर्माण, पुरानी बोरवेल की मरम्मत, नल जलापूर्ति योजनाओं की विशेष मरम्मत, सिंचाई कुओं की विशेष मरम्मत, निजी कुओं का अधिग्रहण, सार्वजनिक कुओं का गहरीकरण तथा प्रगतिपथ पर चल रही जलापूर्ति योजनाओं के कार्य पूर्ण करने जैसे उपाय शामिल होते हैं।

कार्ययोजना में दर्ज कार्यों को जिलाधिकारी की प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद शुरू किया जाता है। इस वर्ष जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है। औसत से कम बारिश होने के साथ जिले के 11 जलाशयों में वर्तमान में करीब 70 प्रतिशत जल भंडारण है। इनमें से कुछ जलाशयों पर नल जलापूर्ति योजनाएं निर्भर हैं। अभी से गर्मी का प्रभाव महसूसा होने लगा है। आने वाले समय में जलसंकट की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

बीडीओ के माध्यम से जारी किए निर्देश

संभावित जलसंकट को देखते हुए पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने भी हाल ही में जलसंकट से निपटने के लिए आवश्यक उपाययोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक ली थी। जिलाधिकारी वान्मथी सी। भी समय-समय पर स्थिति का जायजा ले रही हैं। इसी बीच सितंबर के अंत में प्रशासन ने आठों पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारियों के माध्यम से सभी 519 ग्राम पंचायतों को क्षेत्र की जलसंकट स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देने की जानकारी है।

ग्राम पंचायतों से अब तक नहीं मिले 'प्रपत्र व गोषवारा'

जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने 20 सितंबर को आठों पंचायत समितियों के गुट विकास अधिकारियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को सूचना देकर वर्ष 2026-27 के जलसंकट कार्ययोजना प्रारूप के लिए आवश्यक 'प्रपत्र व गोषवारा' प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, अब तक किसी भी तहसील से रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने की जानकारी है। संभावित भीषण जलसंकट को देखते हुए प्रशासन से समय रहते ठोस उपाययोजना करने की मांग की जा रही है।

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