Wardha Sant Nirankari Mission Project Amrit Drive ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
वर्धा

निरंकारी मिशन का प्रोजेक्ट अमृत, पवनार नदी तट पर 'स्वच्छ जल, स्वच्छ मन' अभियान में 12 लाख स्वयंसेवक

Wardha Pawnaar River:  पवनार में 'स्वच्छ जल, स्वच्छ मन' अभियान के तहत सैकड़ों स्वयंसेवकों ने नदी सफाई में भाग लिया। निरंकारी मिशन के 'प्रोजेक्ट अमृत' के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया गया।

अंकिता पटेल

Wardha Sant Nirankari Mission Project Amrit Drive: वर्धा 'स्वच्छ जल, स्वच्छ मन' अभियान के चौथे चरण का आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के मार्गदर्शन धाम नदी पवनार वर्धा में सुबह 8 से 11 बजे तक चलाया गया, पवनार नदी की स्वच्छता में सैकड़ों हाथ जुट गए थे। निरंकारी मिशन द्वारा यह उपक्रम संपूर्ण भारतवर्ष में चलाया गया।

इसमे देश के 25 राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेश के 930 शहरों के 1600 से अधिक स्थानों पर जिसमें लगभग 12 लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में बाबा हरदेव सिंह की अनेक शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए इस 'प्रोजेक्ट अमृत' का आयोजन किया गया।

यह परियोजना मानवता को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हुए जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन के प्रति सामूहिक संकल्प का संदेश देती है। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने अपने अमृतमय प्रवचनों में फरमाया कि बाबा की शिक्षाएं केवल स्मरण करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं।

सतगुरु माता ने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि शब्दों से नहीं, बल्कि कर्मों से दी जाती है। यदि हम स्वयं को उनके अनुयायी कहते हैं, तो हमें आत्ममंथन करना होगा कि क्या हम वास्तव में प्रेम, सेवा, करुणा और समदृष्टि जैसे मानवीय गुणों को अपने जीवन में धारण कर रहे हैं।

इस अवसर पर खुले प्रांगण में सत्संग कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें वर्धा नगर परिषद अध्यक्ष सुधीर पांगुल, नगरसेवक सुरेश आहूजा, संयोजक कृष्णकुमार थदानी, जामनी शाखा के मुखी गुलाबराव धुर्वे व सेवादल के भाई बहनो व श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

सुरक्षा, अनुशासन व स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता

संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान का शुभारंभसेवादल के प्रार्थना गीत से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।

इस अवसर पर देशभर में प्रसारित दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए सुरक्षा, अनुशासन एवं स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई, जो आयोजन की सुव्यवस्थित एवं संस्कारित कार्यशैली को दशांता है।

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