प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया AI ) 
वर्धा

वर्धा के 11 गांवों को मिलेगा कचरा समस्या से राहत, इंझापुर में 3.5 करोड़ का विघटन केंद्र तैयार

Wardha Solid Waste Management: वर्धा शहर से सटे 11 गांवों में कचरा समस्या के समाधान के लिए इंझापुर में 3.5 करोड़ रुपये का कचरा विघटन केंद्र बन रहा है। 15 फरवरी तक 14 हजार टन कचरे का निपटान होगा।

अंकिता पटेल

Rural Waste Disposal Project: वर्धा शहर के आसपास के 11 गांवों में ठोस कचरे का उचित प्रबंधन करने के लिए इंझापुर में साढ़े तीन करोड़ रूपयों की लागत से कचरा विघटन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इस प्रकल्प का आधा काम पूरा हो चुका है और आधुनिक मशीनरी की उपलब्धता के बाद कचरे का वर्गीकरण शुरू कर दिया गया है।

अगले 15 फरवरी तक कुल 14 हजार टन कचरे का वर्गीकरण कर उसे उचित तरीके से निपटाया जाएगा। वर्धा शहर के पास स्थित नालवाडी, बोरगाव (मेघे), सिंदी (मेघे), पिपरी (मेघे), सेवाग्राम, आलोडी, उमरी (मेघे), म्हसाला, सावंगी (मेघे), पवनार, वरुड इन ग्रापं में कचरा व्यवस्थापन का गंभीर प्रश्न निर्माण हुआ है।

ऐसे में प्रत्येक घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एकत्रित कचरे का उचित प्रबंधन करने की नीति जिला प्रशासन ने अपनाई है। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, जिलाधिकारी वान्मथी सी। और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण की विशेष प्रयासों से इन 11 गांवों में ठोस कचरे का उचित निपटान करने के लिए इंझापुर क्षेत्र में जगह उपलब्ध कराई गई है।

11 गांवों की स्थिति

गांव वाहन
नालवाडी 02
बोरगाव (मेघे) 04
सिंदी (मेघे) 04
पिपरी (मेघे) 02
सेवाग्राम 01
आलोडी 02
उमरी (मेघे) 01
म्हसाला 02
सावंगी (मेघे) 02
पवनार 01
वरुड 01

15 फरवरी तक 14 हजार टन कचरे का वर्गीकरण

इस जगह पर पिछले कुछ महीनों से इन गांवों का कचरा इकट्ठा किया गया था और अब हाल ही में आधुनिक मशीनों के मिलने के बाद कचरे का वर्गीकरण शुरू किया गया है। इन मशीनों के माध्यम से विभिन्न कचरे, पत्थर-मिट्टी, और कम्पोस्ट खाद के कच्चे माल को अलग किया जा रहा है। 15 फरवरी तक 14 हजार टन कचरे का वर्गीकरण किया जाएगा।

कुल मिलाकर, सरकार और प्रशासन की सकारात्मक भूमिका से इन 11 गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन का मुद्दा सुलझता नजर आ रहा है। आधुनिक मशीनें और वाहन उपलब्ध होंगे इंझापुर स्थित कचरा विघटन केंद्र का कार्य 20 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त और अधिक आधुनिक मशीनें 31 जनवरी 2026 तक उपलब्ध होने की संभावना है। कचरा संग्रहण और डंपिंग तक पहुंचाने के लिए 20 ई-वाहन 26 जनवरी तक उपलब्ध हो जाएंगे।

इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए जिला परिषद के पानी आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है, और यदि समय पर सभी आवश्यक मशीनें और वाहन मिलते हैं तो यह प्रोजेक्ट मजबूत होगा।

11 गांवों की जनसंख्या

गांव जनसंख्या
नालवाड़ी 16,892
बोरगाव (मेघे) 19,759
सिंदी (मेघे) 31,434
पिपरी (मेघे) 31,970
सेवाग्राम 6,679
आलोडी 13,019
उमरी (मेघे) 4,775
म्हसाला 8,884
सावंगी (मेघे) 14,394
पवनार 7,955
वरुड 7,750

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