Sambhajinagar: फरवरी से बदलेगी शहर की कचरा व्यवस्था, कचरा उठाने में देरी पर लगेगा लगाम

Waste Management: संभाजीनगर में कचरा संकलन व्यवस्था सुधारने के लिए मनपा ने गुजरात की वेस्टर्न इमैजिनरी कंपनी को ठेका दिया। फरवरी से पहले घर-घर सर्वे कर घंटागाड़ी के रूट और ठहराव तय किए जा रहे हैं।
Municipal Corporation Waste Contract
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Municipal Corporation Waste Contract News: छत्रपति संभाजीनगर शहर में कचरा संकलन और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाने के लिए महानगरपालिका ने गुजरात की वेस्टर्न इमैजिनरी कंपनी को ठेका दिया है।

फरवरी से कार्य शुरू होने से पहले कंपनी की ओर से पूरे शहर में घर-घर सर्वे किया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारी विभिन्न कॉलोनियों में जाकर प्रत्येक मकान की तस्वीर ले रहे हैं और उसका गूगल लोकेशन दर्ज कर रहे हैं।

इसी जानकारी के आधार पर घंटागाड़ी के मार्ग तय किए जाएंगे और हर कॉलोनी में घंटागाड़ी के निश्चित ठहराव निर्धारित होंगे। भविष्य में कचरा संकलन में देरी या मनमानी न हो, इसके लिए यह सर्वे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले सात वर्षों से हैदराबाद की रेड्डी कंपनी शहर में कचरा संकलन और परिवहन का कार्य कर रही है।

1200 घरों के लिए होगी एक घंटागाड़ी

नई व्यवस्था के तहत शहर में हर 1000 से 1200 घरों पर एक घंटागाडी कार्यरत रहेगी। वर्तमान में कई इलाकों में घंटागाडी नियमित न आने की शिकायतें मिलती रही है। कहीं कर्मचारी अपने आप मार्ग बदल लेते हैं, तो कहीं सप्ताह में एक-दो दिन गाड़ी ही नहीं आती।

इन समस्याओं पर रोक लगाने के लिए अब डिजिटल नियंत्रण प्रणाली लागू की जा रही है। निर्धारित ठहराव पर घंटागाड़ी समय पर पहुंचने पर सिस्टम में ग्रीन सिग्नल दिखाई देगा।

अगर गाड़ी नहीं पहुंचती है तो रेड सिग्नल मिलेगा, चालक द्वारा मार्ग बदले जाने की जानकारी सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और उसका कारण बताना अनिवार्य होगा।

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