Highlights:
जनवरी से अक्टूबर 2026 तक वर्धा जिले में कुल 293 सड़क हादसे हुए।
इन दुर्घटनाओं में 129 हादसे जानलेवा साबित हुए और 148 लोगों ने जान गंवाई।
वर्ष 2025 में इसी अवधि में 294 दुर्घटनाएं और 147 मौतें दर्ज हुई थीं।
Wardha Road Accidents 2026: वर्धा जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। जनवरी से अक्टूबर 2026 तक दस महीनों में जिले में कुल 293 सड़क हादसे दर्ज किए गए। इनमें 129 दुर्घटनाएं प्राणघातक साबित हुई, जबकि इन हादसों में 148 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
सड़क दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों के लिए यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान जिले में 294 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। इनमें 147 हादसे प्राणघातक थे और 147 लोगों की मौत हुई थी। इसकी तुलना में वर्ष 2026 में कुल दुर्घटनाओं की संख्या में केवल एक की कमी आई है।
वहीं, प्राणघातक हादसों की संख्या सात कम हुई है, लेकिन मृतकों का आंकड़ा 147 से बढ़कर 148 हो गया है। सड़क दुर्घटनाओं के पीछे वाहनों की तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, लापरवाही से वाहन चलाना, दोपहिया चालकों द्वारा हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग और शराब पीकर वाहन चलाना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। महामागों के साथ ही जिले के आंतरिक मार्गों पर भी दुर्घटनाओं का बढ़ता प्रमाण चिंता का विषय बना हुआ है।
यातायात पुलिस की कार्रवाई जारी सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ यातायात नियंत्रण शाखा द्वारा कार्रवाई की जाती है। वहीं, उपप्रादेशिक परिवहन विभाग भी नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर दंडात्मक कार्रवाई करता है। दोनों विभागों की ओर से प्रतिवर्ष सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जनजागृति के लिए शहर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
दुर्घटनाओं में जान माल का नुकसान रोकने के लिए वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना चाहिए, दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया चालकों के लिए सीट बेल्ट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना चाहिए। इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग और शराब पीकर ड्राइविंग करने से बचना चाहिए। यातायात नियमों का पालन ही सुरक्षित सफर का सबसे प्रभावी उपाय है।