ट्रांसफार्मर जले (AI Generated Image) 
वर्धा

3 महीने में जले 677 बिजली ट्रांसफॉर्मर, रबी सीजन में किसानों की परेशानी बढ़ी, महावितरण ने दी चेतावनी

Wardha Transformer Burning: वर्धा जिले में रबी सीजन में सिंचाई के दौरान बिजली ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं में तेज़ वृद्धि, 3 महीने में 677 ट्रांसफॉर्मर फेल। 24 घंटे हेल्पलाइन भी शुरू।

प्रिया जैस

Rabi Season Irrigation: रबी सीजन के दौरान किसानों को अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है, जिसके चलते बिजली पर अतिरिक्त भार पड़ता है। इस सीजन में ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं में बड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। महावितरण के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर के बीच वर्धा जिले में कुल 677 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं, जिनमें वर्धा मंडल में 292, आर्वी मंडल में 279 और हिंगनघाट मंडल में 106 ट्रांसफॉर्मर शामिल हैं

। किसानों के लिए रबी सीजन में सिंचाई अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन भारी बिजली का भार और 'ऑटोस्विच' का अधिक इस्तेमाल ट्रांसफॉर्मर जलने के कारणों में शामिल हैं। अक्सर, किसान 'ऑटोस्विच' लगाकर खेतों में काम करने की बजाय, जैसे ही बिजली आती है। उनके पंप एक साथ चालू हो जाते हैं, जिससे ट्रांसफॉर्मर पर अचानक अत्यधिक दबाव आ जाता है और ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

'ऑटोस्विच' का इस्तेमाल न करें

इस समस्या के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। महावितरण ने किसानों से अपील की है कि वे 'ऑटोस्विच' का इस्तेमाल न करें और ट्रांसफॉर्मर के नुकसान से बचने के लिए 'कैपेसिटर' का उपयोग करें। साथ ही, महावितरण ने कृषिपंप धारकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन सेवा शुरू की है, जहां किसान शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इस हेल्पलाइन का नंबर है 7875761100। अधिकारी ने बताया कि ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जा रही है ताकि किसानों को आने वाले दिनों में सिंचाई के लिए बिजली की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के मिल सके।

24 घंटे हेल्पलाइन शुरू

महावितरण ने ग्राहकों की सुविधाओं के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है। फोन या एसएमएस के जरिए शिकायत करने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। जल चुके ट्रांसफॉर्मर की जगह नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करके बिजली आपूर्ति को जल्दी से शुरू कर दिया जाता है।

  • स्मिता पारखे, अधीक्षक अभियंता, वर्धा

नहीं हो रहा सिंचाई का सही से प्रबंधन

बिजली ट्रांसफॉर्मर जलने की घटनाओं में वृद्धि के कारण, पानी उपलब्ध होने के बावजूद किसान अपने खेतों को सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इस साल पानी की उपलब्धता होने के बावजूद यह समस्या उत्पन्न हो रही है। यदि बिजली के ट्रांसफॉर्मर समय पर ठीक हो जाते, तो सिंचाई के पानी का सही से प्रबंधन किया जा सकता था।

  • मेघराज महाजन, किसान
विभाग अक्टूबर नवंबर दिसंबर कुल मिलाकर
वर्धा 121 131 42 294
आर्वी 110 80 17 207
हिंगनघाट 61 68 47 176

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