Wardha Public Works Department: वर्धा का लोक निर्माण विभाग आए दिन किसी न किसी बात को लेकर चर्चा में रहता है। बुधवार, 2 सितंबर की दोपहर विभागीय परिसर में पीडब्ल्यूडी के शाखा अभियंता और शासकीय ठेकेदार के बीच फ्री-स्टाइल की घटना सामने आने से हड़कंप मच गया। इतना ही नहीं, मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच चर्चा के बाद समझौता होने की जानकारी है।
बता दें कि वर्धा लोक निर्माण विभाग पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। इससे पहले भी ठेकेदारों ने बिलों के भुगतान को लेकर विभाग में नाराजगी जताई है। कुछ माह पहले एक ठेकेदार द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना भी सामने आई थी।
ठेकेदारों का आरोप है कि बिलों के भुगतान के लिए वरिष्ठ अधिकारी उनसे राशि की मांग करते हैं। बुधवार को भी इसी मुद्दे को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। पीडब्ल्यूडी सूत्रों के अनुसार, सड़क मरम्मत के कार्य को लेकर विभाग के शाखा अभियंता स्वप्नील खंडार और शासकीय ठेकेदार महेंद्र ठाकुर के बीच बुधवार दोपहर कहासुनी हुई।
बात इतनी बढ़ गई कि गुस्साए शाखा अभियंता ने ठेकेदार से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद ठेकेदार ने भी शाखा अभियंता के साथ धक्कामुक्की की। यह बात ध्यान में आते ही वहां मौजूद कुछ ठेकेदारों और कर्मचारियों ने बीच-बचाव करते हुए दोनों को अलग किया। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज करते हुए देख लेने की धमकी दी। मारपीट की खबर मिलते ही शहर थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसके बाद मामला पुलिस थाने तक जा पहुंचा।
हालांकि, थाने में काफी देर तक चली चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह होने की जानकारी है। मारपीट की यह घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है। कार्यालयीन समय में शाखा अभियंता और ठेकेदार के बीच हुई मारपीट की घटना से लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।