Wardha Protest: प्रसिद्ध शिक्षाविद्, पर्यावरणविद् एवं जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने वाले डॉ. सोनम वांगचुक के समर्थन में गुरुवार, 16 जुलाई को वर्धा में एक दिवसीय जन आंदोलन किया गया। यह आंदोलन शहर के महात्मा गांधी प्रतिमा परिसर में भारतीय लोकतंत्र अभियान की अगुवाई में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला। डॉ. सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनशन पर बैठे हैं।
उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे इस आंदोलन पर अब तक केंद्र सरकार ने कोई ठोस ध्यान नहीं दिया है। इसी के विरोध में तथा डॉ. वांगचुक के प्रति समर्थन व्यक्त करने के उद्देश्य से वर्धा में यह प्रतीकात्मक आंदोलन आयोजित किया गया है।
इसके माध्यम से शिक्षा, लोकतंत्र, पर्यावरण संरक्षण, जनहित और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया, जिले की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं तथा लोकतांत्रिक और समतावादी विचारधारा से जुड़े नागरिक शामिल हुए थे।
इस दौरान वर्धा के कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से 12 घंटे का उपवास रखकर आंदोलन में भाग लिया, आंदोलन के समापन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में डॉ. सोनम वांगचुक की मांगों पर केंद्र सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई, साथ ही डॉ. वांगचुक को भेजे गए संदेश में उनसे स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपवास समाप्त कर लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन जारी रखने का आग्रह किया गया।
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इस आंदोलन में सांसद अमर काले, सर्व सेवा संघ के अध्यक्ष चंदन पाल, सचिव शेख हुसैन, सेवाग्राम आश्रम की आशाताई बोथरा, डॉ. अभ्युदय मेघे, वर्धा के नगराध्यक्ष सुधीर पांगुल, एड. अविनाश काकडे, देवली के नगराध्यक्ष किरण ठाकरे, यशवंत झाडे, नूतन मालवी, यशवंत झाडे, सुरेश ठाकरे, सुनील कोल्हे सहित अनेकों की उपस्थिति थी।