Wardha Police Action: जिले में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने और यातायात नियमों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए वर्धा पुलिस ने एक विशेष मुहिम छेड़ दी है। इसी अभियान के तहत 4 जून 2026 को वर्धा शहर में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल और अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के मार्गदर्शन में जिला यातायात पुलिस विभाग द्वारा पूरे जिले में नाकेबंदी और पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। 4 जून को वर्धा शहर के व्यस्त इतवारा चौक पर पुलिस टीम के चंद्रकांत तपासे, दिलीप कामड़ी और प्रदीप कोहली गश्त पर थी। इसी दौरान उन्होंने एक संदिग्ध वाहन क्रमांक एम.एच. 32 ए.पी. 3064 को रुकवाया। जब पुलिस ने चालक, जिसकी पहचान वर्धा के इंदिरानगर निवासी विकास एकनाथराव डंभारे (उम्र 67 वर्ष) के रूप में हुई, जांच की तो वह शराब के अत्यधिक नशे में पाया गया। चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब ब्रेथ एनालाइजर मशीन से उनकी जांच की गई। रिपोर्ट में चालक के शरीर में 618.5 mg% अल्कोहल की मात्रा पाई गई। इतनी अधिक मात्रा में शराब का सेवन कर सार्वजनिक सड़क पर वाहन चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उक्त वाहन चालक के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने इस वर्ष नशे में धुत होकर वाहन चलाने वाले कुल 21 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है। साल 2026 में अब तक वर्धा जिले में शराब पीकर वाहन चलाने के कुल 150 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस प्रशासन बार-बार चेतावनी दे रहा है कि पेट्रोलिंग के दौरान यदि कोई भी नशे में वाहन चलाते पाया गया, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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यातायात नियंत्रण शाखा, वर्धा के पुलिस निरीक्षक विलास पाटिल ने नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। सड़क पर सावधानी बरतें और ड्रिंक एंड ड्राइव से पूरी तरह बचें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।