Dr. Pankaj Bhoyar Home Minister (फोटो- सोशल मीडिया) 
वर्धा

वर्धा में स्थापित होगी अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब: शराबबंदी और आपराधिक मामलों की जांच में आएगी तेजी, 67 पद मंजूर

Wardha Alcohol Ban: वर्धा में लघु न्यायवैधक प्रयोगशाला और साइबर उत्कृष्टता केंद्र को मंजूरी मिली है इससे शराबबंदी के हजारों लंबित मामलों और आधुनिक अपराधों की वैज्ञानिक जांच अब स्थानीय स्तर पर हो सकेगी

रूपम सिंह

Wardha Forensic Laboratory: वर्धा जिले में कानून-व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने वर्धा में लघु न्यायवैधक वैज्ञानिक प्रयोगशाला, सुसज्जित निवासी प्रशिक्षण केंद्र तथा मोबाइल प्रकारण के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में गृह विभाग ने 4 मार्च को शासन आदेश जारी किया है।

यह पहल जिले के पालकमंत्री तथा राज्य के गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने वर्धा जिले में शराबबंदी और बढ़ते आपराधिक मामलों की स्थिति को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष प्रमुखता से रखा था। मुख्यमंत्री ने इस मांग को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए पिछले माह मंत्रिमंडल बैठक में वर्धा में उक्त संस्थाओं की स्थापना का निर्णय लिया।

शराबबंदी के मामलों का बढ़ता दबाव

वर्धा जिले में 30 अप्रैल 1975 से शराबबंदी लागू है। पिछले दस वर्षों (2014–2024) में शराबबंदी से संबंधित 93,554 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 51,340 मामलों का निपटारा हो चुका है, 674 मामलों में अपराध सिद्ध हुआ है, जबकि 50,666 मामलों में आरोपियों को निर्दोष बरी किया गया है।

इसके अतिरिक्त अन्य आपराधिक मामलों में भी वृद्धि हुई है और अपराधी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। वर्तमान में जब्त नमूनों की जांच के लिए वर्धा सहित नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण, भंडारा और गोंदिया जिलों के नमूने नागपुर स्थित प्रादेशिक न्यायसहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजे जाते हैं, जिससे रिपोर्ट में देरी होती है।

67 पदों को स्वीकृति

नई लघु न्यायवैधक वैज्ञानिक प्रयोगशाला में कुल 67 पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे मामलों की जांच में तेजी आएगी और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा संभव हो सकेगा।

 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी

  • आर्वी रोड स्थित पुलिस क्वार्टर परिसर में यह प्रयोगशाला प्रारंभ की जाएगी। लघु न्यायवैधक वैज्ञानिक प्रयोगशाला, सुसज्जित निवासी प्रशिक्षण केंद्र और मोबाइल प्रकारण के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र हेतु जिलाधिकारी को 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
  • स्थायी भवन निर्माण तक यह केंद्र आर्वी मार्ग स्थित पुराने पुलिस कैंटीन के हॉल में अस्थायी रूप से शुरू किया जाएगा।
  • मंजूरी मिलने पर पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार का आभार व्यक्त किया।

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