Wardha Municipal Corporation Elections: वर्धा जिले की छह नगरपालिकाओं के सभी नगराध्यक्ष और नगरसेवक पदों पर चुनाव लड़ने की तैयारी भाजपा और कांग्रेस ने लगभग पूरी कर ली है। दोनों पार्टियों ने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर सूचियां प्रदेश स्तर पर भेज दी हैं।
महायुति के घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना ने भी आपसी बैठक की प्रतीक्षा करते हुए स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, सांसद अमर काले की पहल पर सोमवार, 10 नवंबर को देर रात तक कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) की संयुक्त बैठक में आघाड़ी पर सहमति बनाने की कोशिश होने की जानकारी है।
भाजपा ने वर्धा की छह नगरपालिकाओं में नगराध्यक्ष पद और 166 नगरसेवक पदों के लिए इच्छुक उम्मीदवारों की सूची प्रदेश कार्यालय को भेजी है। इस बार भाजपा को अब तक के सबसे ज़्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। कांग्रेस ने भी इसी तरह सभी नगरपालिकाओं के लिए उम्मीदवारों की सूची तैयार कर भेज दी है।
इस बीच, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में साथ रहने वाले घटक दलों को नगरपालिकाओं के चुनाव में अब तक शामिल न किए जाने से नाराजगी का माहौल है।
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय गाते ने कहा कि जिले की नगरपालिका चुनाव के संबंध में न तो किसी मित्रपक्ष की ओर से प्रस्ताव आया है, न हमने कोई प्रस्ताव भेजा है। हम अपनी तैयारी कर रहे हैं, वे अपनी।
शिवसेना जिलाप्रमुख राजेश सराफ ने कहा कि भाजपा की ओर से अभी तक कोई संदेश नहीं मिला। हम जिले की सभी नगरपालिकाओं में नगराध्यक्ष और नगरसेवक पदों के लिए उम्मीदवार खड़े करेंगे। वर्धा से रविकांत बालपांडे नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार होंगे।
अजित पवार गुट के जिलाध्यक्ष शरद शहारे ने बताया कि भाजपा से अब तक कोई संवाद या बैठक नहीं हुई है। हमने नप के लिए तैयारी कर ली है। वर्धा और हिंगनघाट में नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार जल्द तय होंगे। शिवसेना (शिंदे) गुट के साथ युती पर बातचीत जारी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज चांदुरकर ने कहा कि शरद पवार गुट के साथ प्रारंभिक चर्चा हुई है। शिवसेना (यूबीटी) से अब तक संपर्क नहीं हुआ। लेकिन महाविकास आघाड़ी के तौर पर एकजुट होकर लड़ना अधिक फायदेमंद रहेगा।
शरद पवार गुट के जिलाध्यक्ष्ज्ञ अतुल वांदिले ने बताया कि महाविकास आघाड़ी के दल एकजुट होकर लड़ें, इसके लिए प्रयास जारी हैं। हालांकि हमने स्वतंत्र रूप से चुनाव की तैयारी कर रखी है, लेकिन यदि साझा समझौता हुआ तो आघाड़ी के साथ लड़ना राजनीतिक रूप से अधिक मज़बूत होगा।
शिवसेना (यूबीटी) जिलाध्यक्ष राजेंद्र खुपसरे ने कहा कि महाविकास आघाड़ी को मिलकर ही लड़ना चाहिए। हम इसके लिए तैयार हैं। हिंगनघाट नप के लिए तीनों दलों की प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। सिंदी और वर्धा नप के लिए भी ऐसा प्रयास होगा। आर्वी, पुलगांव और देवली नगरपालिकाओं पर निर्णय जिलाप्रमुख आशिष पांडे लेंगे।