प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
वर्धा

वर्धा में 2,377 माताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ, मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने में मददगार योजना

Wardha Janani Suraksha Yojana: वर्धा में जननी सुरक्षा योजना के तहत 2025 में 2,377 माताओं को लाभ मिला। सरकारी व मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसूति को बढ़ावा मिल रहा है।

अंकिता पटेल

Wardha Government Maternity Scheme: वर्धा कुशल व्यक्ति से स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसूति कराने, माता मृत्यु व शिशु मृत्यु अनुपात कम करने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण अभियान अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना सन 2005-06 से चलायी है।

योजना अंतर्गत सरकारी स्वास्थ्य संस्था अथवा जननी सुरक्षा योजना के लिए मानांकित किये गए निजी स्वास्थ्य संस्था में प्रसूति होने पर पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है। शुरुआती दिनों में योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ही लाभ मिलता था।

अब शहरी क्षेत्र की महिलाओं को भी लाभदिया जाता है। इस योजना का लाभ गरीबी रेखा के निचे वाले तथा अनुसुचित जाति व अनुसुचित जनजाति की गर्भवति माताओं को भी दिया जाता है। फलस्वरुप जरुरतमंद माता व परिवारों के लिए उक्त योजना राहतभरी साबित हो रही है।

उक्त योजना के तहत सन 2025 में कुल 2 हजार 377 मत्ताताओं को लाभ मिला है। जिप के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा हर महीने होने वाली स्वास्थ्य समिति की बैठक में जननी सुरक्षा योजना का जायजा लिया जाता है। इस योजना का लाभअधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को देने के लिए स्वास्थ्य यंत्रणा ने प्रयास करने की सूचना सीईओ पराग सोमन ने दी है।

3 घटकों के लिए मिलता हैं लाभजननी सुरक्षा योजना का लाभ तीन घटकों के लिए दिया जाता है। इसमें गरीबी रेखा के नीचेवाली सभी गर्भवती माता, गरीबी रेखा के नीचे न होने वाली अनुसुचित जाति की सभी माता, गरीबी रेखा के नीचे न होने वाली अनुसुचित जनजाति की सभी गर्भवती माताओं को लाभ दिया जाता है।

योजना के लिए सभी पीएचसी, स्वास्थ्य उपकेंद्र, ग्रामीण अस्पताल, उपजिला अस्पताल, जिला अस्पताल, नपा अस्पताल, सरकार मान्य निजी अस्पताल में आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए बैंक पासबुक से लिंक आधारकार्ड, राशनकार्ड बीपीएल प्रमाणपत्र, फोटोसहित बैंक पासबूक आदि दस्तावेज जोड़ना जरूरी है।

लाभार्थियों को इस प्रकार दी जाती हैं लाभ की राशि

शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसूती के बाद 600 रुपए, ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवति महिलाओं प्रसूति के बाद 700 रुपए, घर में प्रसूती के लिए 500 रुपए, सिजेरीयन के लिए 1 हजार 500 रुपए लाभार्थी के बैंक खाते में जमा किये जाते हैं।

2025-26 वर्ष में शहरी क्षेत्र की 514 माताओं को प्रति लाभार्थी 600 रुपये लाभ दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की 1863 माताओं को प्रति लाभार्थी 700 रुपये लाभ दिया गया है।

जरूरतमंदों को लाभदिलाने पर जोर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान अंतर्गत चलायी जा रही जननी सुरक्षा योजना का लाभजरुरतमंदों तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य कर्मवारियों ने प्रयास करने चाहिए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थी माताओं को इसका लाभदिलाने पर जोर दें आर्थिक रुप से कमजोर व गरीबों को इससे राहत मिल रही है। उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है।

- डॉ. स्वप्निल बेले, डीएचओ, जिप

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