वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय छात्र आंदोलन  (सोर्सः सोशल मीडिया)
वर्धा

Wardha News: संवाद की मांग पर अड़े छात्र, हिंदी विश्वविद्यालय के हॉस्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध का दावा

Wardha Student Protest: वर्धा के महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन जारी है। छात्रों ने 6 विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय और हॉस्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध का दावा किया है।

आंचल लोखंडे

Wardha Hindi University: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं एवं छात्रहित से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर विद्यार्थी 8 जुलाई 2026 से आंदोलनरत हैं। दो महीने से अधिक समय से जारी आंदोलन के बीच छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उनकी मांगों पर संवाद के बजाय कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार, 1 सितंबर की सुबह छह छात्रों के विश्वविद्यालय परिसर और हॉस्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। छात्रों का कहना है कि इससे पहले भी आंदोलन से जुड़े विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास

छात्रों ने इस कार्रवाई को उनकी आवाज दबाने का प्रयास बताया है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। आंदोलनकारी छात्र राजेश सारथी ने कहा कि विद्यार्थी किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि लंबित शैक्षणिक एवं छात्रहित के मुद्दों के समाधान की मांग कर रहे हैं।

हॉस्टल प्रवेश पर प्रतिबंध का दावा

इनमें वर्ष 2022 से लंबित पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को 2026 तक पुनः शुरू करना, वर्धा परिसर में बंद शैक्षणिक विभागों को फिर से संचालित करना, केंद्रीय पुस्तकालय के पास बने रीडिंग रूम को शुरू करना तथा हॉस्टल में समुचित मेस और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रमुख मांगें हैं। सारथी के अनुसार, छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एफआईआर के बाद अब विश्वविद्यालय और हॉस्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रतिबंध हटाने तथा आंदोलनकारियों के साथ संवाद कर मांगों पर लिखित और समयबद्ध समाधान प्रस्तुत करने की मांग की है।

वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन तेज

छात्रों के अनुसार निरंजन कुमार, रामचंद्र, राकेश अहिरवार, राहुल और राजेश कुमार यादव सहित छह छात्रों पर लगाया गया प्रतिबंध तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध और असहमति को लोकतांत्रिक एवं शैक्षणिक वातावरण में संवाद के जरिए हल किया जाना चाहिए। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रतिबंध की कार्रवाई के कारणों और आंदोलनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और दोनों पक्षों के बीच संवाद के जरिए समाधान की मांग जोर पकड़ रही है।

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