Wardha Gram Panchayat Electricity Bill Arrears: वर्धा जिले में ग्रामीण क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों पर होती है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से लेकर गांवों में विभिन्न विकास कार्यों को अंजाम देने का काम ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है। हालांकि, बिजली बिलों के भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत प्रशासन उदासीन नजर आ रहा है।
महावितरण से मिली जानकारी के अनुसार जिले की ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले करीब 5,801 कनेक्शनों पर ब्याज सहित 40 करोड़ 2 लाख 25 हजार 806 रुपए बकाया हैं। इन बकाया बिलों की वसूली के लिए महावितरण द्वारा विशेष वसूली अभियान चलाने के संकेत दिए गए हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत क्षेत्रों की बिजली सेवा प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
जिले की आठ तहसीलों में करीब 521 ग्राम पंचायतें हैं, जबकि इनके अंतर्गत लगभग 1,387 गांव आते हैं। ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्कूल, सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालय, स्ट्रीट लाइट तथा जलापूर्ति जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए महावितरण द्वारा बिजली उपलब्ध कराई जाती है। ग्राम पंचायत क्षेत्रों में महावितरण के कुल 5,801 बिजली कनेक्शन हैं। पिछले कुछ वर्षों से ग्राम पंचायतों द्वारा नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान नहीं किए जाने के कारण मूल बकाया राशि 20 करोड़ 24 लाख 76 हजार 113 रुपए तक पहुंच गई है। वहीं, इस बकाया राशि पर करीब 19 करोड़ 77 लाख 49 हजार 693 रुपए ब्याज चढ़ चुका है। इसके चलते कुल बकाया राशि 40 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।
एक ओर ग्राम पंचायतों को शत-प्रतिशत कर वसूली में परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिलों के भुगतान का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। महावितरण द्वारा बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान चलाने के संकेत दिए गए हैं। समय पर भुगतान नहीं होने पर कार्रवाई की संभावना है। बिजली आपूर्ति बंद होने की स्थिति में गांवों में जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट समेत अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।