48,165 किसान पात्र: योजना के तहत पात्र बताए गए किसानों को राहत का इंतजार।
14,976 खातों में अड़चन: ई-केवाईसी पूरी नहीं होने से लाभ मिलने की प्रक्रिया प्रभावित।
230.82 करोड़ रुपये मिले: जिले को कर्जमाफी राशि प्राप्त होने की जानकारी।
हिंगनघाट सबसे आगे: तहसील में 2,415 खाते ई-केवाईसी के इंतजार में।
42 शिकायतें लंबित: तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार शिकायतों का निपटारा बाकी।
Wardha Farmer Loan Waiver: वर्धा जिले में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत हजारों किसान कर्जमाफी का इंतजार कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 14,976 खातों की ई-केवाईसी लंबित है। जिले को अब तक 230.82 करोड़ रुपये की कर्जमाफी राशि मिलने की जानकारी है।
वर्धा, राज्य सरकार की पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना 2026 के तहत वर्धा जिले के हजारों किसान अब भी कर्जमाफी का इंतजार कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना में 48,165 किसानों को पात्र बताया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में खातों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से लाभ वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
जिले में योजना के अंतर्गत कुल 74,365 कर्ज खातों का विवरण अपलोड किए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें से 14,976 खातों की ई-केवाईसी लंबित बताई गई है। ऐसे में पात्रता तय होने के बाद भी किसानों को राहत दिलाने के लिए अधूरी प्रक्रिया पूरी कराना जरूरी है।
तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, हिंगनघाट शहर में सबसे अधिक 2,415 खाते ई-केवाईसी के इंतजार में हैं। देवली में 2,205, समुद्रपुर में 2,150, वर्धा में 1,977 और आर्वी में 1,809 खाते लंबित बताए गए हैं।
इसके अलावा आष्टी में 1,557, सेलू में 1,439 और कारंजा में 1,424 खातों की ई-केवाईसी पूरी होना बाकी है। इन आंकड़ों को देखते हुए संबंधित तहसीलों में लंबित मामलों की पहचान कर किसानों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना जरूरी है।
योजना के तहत जिले को अब तक 230.82 करोड़ रुपये की कर्जमाफी राशि प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। वहीं, 23,330 खातों को कर्जमाफी का लाभ मिलने की बात सामने आई है।
हालांकि, पात्र किसानों की संख्या और लाभ प्राप्त करने वाले खातों के आंकड़ों के बीच अंतर है। ऐसे में शेष पात्र किसानों की स्थिति स्पष्ट करना और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि तकनीकी या दस्तावेज संबंधी अड़चनों के कारण कोई पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे।
योजना से संबंधित ऑनलाइन माध्यम से 365 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 332 का निपटारा किया गया, जबकि 33 शिकायतें लंबित हैं। ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त 112 शिकायतों के निपटारे की जानकारी दी गई है।
तहसीलवार आंकड़ों में कुल 672 शिकायतें दर्ज होने, इनमें से 630 का समाधान होने और 42 शिकायतें लंबित रहने की बात कही गई है।
कर्जमाफी योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक राहत देना है। ऐसे में प्रशासन के सामने लंबित ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने के साथ शिकायतों का समयबद्ध निपटारा करना भी जरूरी है। किसानों को स्पष्ट जानकारी और आवश्यक सहायता मिलने से पात्र लाभार्थियों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।