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वर्धा जिले के देवली शहर के इंदिरानगर परिसर में 2 नवंबर की तड़के गजानन किशोर पाटणकर (42) की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, मोहित ढाबे पर सिगरेट पीने को लेकर मृतक और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था।
आरोपियों ने कथित तौर पर गजानन का रास्ता रोककर उन पर चाकू से हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई।
Wardha Deoli Murder Case: वर्धा जिले के देवली शहर के इंदिरानगर परिसर में मामूली विवाद के चलते अवैध व्यवसायी की चाकू से वार कर निर्मम हत्या कर दी गई। यह वारदात सोमवार, 2 नवंबर को तड़के सामने आते ही हडकंप मच गया। मृतक का नाम गजानन किशोर पाटणकर (42), निवासी देवली बताया गया। घटना की जानकारी मिलते ही देवली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के एक घंटे के भीतर चार मुख्य आरोपियों सहित एक नाबालिग बालक को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक गजानन किशोर पाटणकर और आरोपियों के बीच मोहित ढाबे पर सिगरेट पीने की बात को लेकर मामूली विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने कथित तौर पर आपस में मिलीभगत कर गैरकानूनी कानूना जमावड़ा बनाया। 2 नवंबर की तड़के गजानन पाटणकर अपने एक मित्र को छोड़ने के लिए इंदिरानगर गए थे। इसी दौरान आरोपियों ने उसके वाहन के सामने आकर रास्ता रोक लिया। इसके बाद उसे पकड़कर चाकू से वार किए गए, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के कारण गजानन पाटणकर की मौत हो गई।
उल्लेखनीय यह कि मृतक अवैध व्यवसाय में लिफ्त बताया गया। उसके खिलाफ देवली थाने में 19 मामले दर्ज है। यही नहीं तो उसके खिलाफ तडीपारी का प्रस्ताव भी भेजा गया था। यह हत्या अवैध व्यवसाय की स्पर्धा में होने की चर्चा है। हत्यारे युवक शहर में अपनी दहशत फैला रहे थे। साथ ही अवैध शराब व गांजा की बिक्री भी करते थे। पुलिस ने ऐसे लोगों के विरुध्द समय रहते एक्शन लेना आवश्यक बताया जा रहा है।
इस प्रकरण में देवली पुलिस थाने में मृतक के भाई विक्की किशोर पाटणकर की शिकायत पर विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कार्रवाई को एसपी सौरभ कुमार अग्रवाल, एएसपी सदाशिव वाघमारे, एसपी कार्यालय के उप अधीक्षक प्रमोद मकेश्वर, पुलगांव डीचाईएसपी डॉ. वंदना कारखेले के मार्गदर्शन में थानेदार संदीप कापडे के नेतृत्व में पीएसआई शिवराज जाधव, कमलेश मगरे तथा देवली पुलिस थाने के अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने अंजाम दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। साथ ही वारदात के महज एक घंटे के भीतर चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, एक नाबालिग बालक को हिरासत में लिया गया है। घटनास्थल से भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए तत्काल फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जरुरी दिशा-निर्देश दिए। गिरफ्तार आरोपियों में देवली निवासी अमन संतोष टेकाम, ओम रमेश सावरकर, प्रणय ज्ञानेश्वर राठोड, व मनोज ज्ञानेश्वर राठोड का समावेश है। इसके अलावा एक विधिसंघर्षग्रस्त बालक नको हिरासत में लिया गया है। उसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।