

SOLAS इंडिया ने अधरवाड़ी जेल झील के आसपास 101वां स्वच्छता अभियान चलाया।
दाऊदी बोहरा समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अभियान में भाग लिया।
पानी की गुणवत्ता जांचने और सीवेज के स्रोत का पता लगाने की मांग की गई।
SOLAS India Cleanliness Drive: ठाणे जिले के SOLAS इंडिया ने अधरवाड़ी जेल झील के आसपास अपना 101वां स्वच्छता अभियान चलाया। इसमें दाऊदी बोहरा समुदाय ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वच्छता तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस दौरान, SOLAS इंडिया की राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. रूपिंदर कौर ने प्रशासन का ध्यान झील में बढ़ते गंभीर प्रदूषण की ओर दिलाया।
उन्होंने बताया कि जेल से आने वाले सीवेज (गंदे पानी) के कारण झील का पानी दूषित हो गया है। इसके अलावा, लोग झील में प्लास्टिक कचरा, पुराने कपड़े, जूते-चप्पल और धार्मिक सामग्री (निर्मल्य) भी फेंक रहे हैं, जिससे स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने झील के उचित रखरखाव न होने पर असंतोष जताया।
बता दें कि इस झील का इस्तेमाल हर साल गणेश विसर्जन के लिए किया जाता है, लेकिन त्योहार के बाद इसकी कोई सुध नहीं ली जाती। उन्होंने मांग की कि झील में आने वाले सीवेज के स्रोत का पता लगाया जाए, पानी की गुणवत्ता की जांच हो, झील में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, और यह स्पष्ट किया जाए कि झील का मालिकाना हक किसके पास है तथा इसके रखरखाव के लिए कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) का अधिकार क्षेत्र क्या है। उन्होंने प्रशासन से यह भी सवाल किया कि जो जगह असल में निजी संपत्ति है, उसकी सफाई के लिए सार्वजनिक धन (जनता के पैसे) से टेंडर प्रक्रिया क्यों चलाई जा रही है।
इस अभियान में रत्नेश महाडिक, स्वप्निल म्हात्रे और देवंतरी शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। SOLAS इंडिया और दाऊदी बोहरा समुदाय की इस संयुक्त पहल ने धार्मिक सीमाओं से ऊपर उठकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होने का एक सशक्त संदेश दिया। डॉ. रूपिंदर कौर ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि यह प्रशासन और नागरिकों, दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।