Wardha Bajaj Chowk Flyover News: वर्धा शहर में पिछले चार-पांच महीनों से बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों को दोबारा शुरू करने की कोशिश शनिवार को बजाज चौक पर भारी पड़ गई। सिग्नल शुरू होते ही चौराहे और आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
उड़ान पुलिया की ओर से आने वाला यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थिति बिगड़ने पर यातायात कर्मियों को सिग्नल बंद कर खुद मोर्चा संभालना पड़ा। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
शहर के प्रमुख चौराहों पर लंबे समय से ट्रैफिक सिग्नल बंद होने के कारण नागरिकों और विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने सिग्नल व्यवस्था फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। शनिवार दोपहर बजाज चौक पर इसका ट्रायल किया गया।
सिग्नल शुरू होते ही दो अलग-अलग मार्गों से आने वाला यातायात एक साथ चौराहे पर पहुंच गया। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और देखते ही देखते जाम की स्थिति बन गई। उड़ान पुलिया पर भी वाहनों की लंबी कतार लग गई।
चौराहे पर यातायात संभालने के लिए तैनात कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख यातायात कर्मियों ने सिग्नल बंद किया और मौके पर पहुंचकर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया। करीब 30 मिनट बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारु हो सका।
यातायात विभाग की ओर से ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था में मौजूद कई तकनीकी समस्याओं की जानकारी पहले ही नगर परिषद को दी जा चुकी थी। सिग्नल के खंभों की गलत जगह पर स्थापना, एक छोर से वाहनों की सुचारु आवाजाही के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना और कुछ चौराहों पर पांच मार्गों के जुड़ने के कारण सिग्नल टाइमिंग कम पड़ना प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं। इसके बावजूद इन खामियों को दूर किए बिना सिग्नल व्यवस्था शुरू करने का प्रयास किया गया। नतीजतन बजाज चौक पर ट्रायल के दौरान ही यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
वर्धा शहर के बजाज चौक, आर्वी नाका चौक, आरती चौक और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था शुरू की गई थी। हालांकि, इन सभी स्थानों पर अलग-अलग तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं।
यातायात विभाग और नगर परिषद के बीच समन्वय की कमी के कारण समस्या और बढ़ रही है। अब नागरिकों की मांग है कि सिग्नल शुरू करने से पहले सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए और वाहनों की संख्या के अनुसार सिग्नल की टाइमिंग तय की जाए। प्रशासन से ऐसी व्यवस्था विकसित करने की अपेक्षा है, जिससे सिग्नल शुरू होने के बाद जाम की स्थिति पैदा न हो।