Sevagram Bus Station Poor Condition: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पदस्पर्श से पावन सेवाग्राम की भूमि आज देश-दुनिया में अहिंसा, शांति और गांधी विचारों के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। देश-विदेश से पर्यटक और गांधी विचारों के अनुयायी बड़ी संख्या में सेवाग्राम पहुंचते हैं। लेकिन यहां आने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख प्रवेशद्वार माने जाने वाले सेवाग्राम बसस्थानक की बदहाल स्थिति प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। वर्षों से रखरखाव के अभाव में बसस्थानक की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि यह धीरे-धीरे ‘भूतबंगले’ में तब्दील होता नजर आ रहा है।
बसस्थानक परिसर में प्रवेश करते ही जगह-जगह कचरे के ढेर, प्लास्टिक की थैलियां, खाली पानी की बोतलें और गुटखे के पाउच दिखाई देते हैं। पूरे परिसर में गंदगी का साम्राज्य होने से तीव्र दुर्गंध फैल रही है। स्वच्छतागृहों की हालत भी बेहद खराब है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार कई महीनों से वहां पानी की व्यवस्था नहीं है। दरवाजे टूटे होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वच्छतागृहों की दयनीय स्थिति के चलते खुले में शौच की नौबत आने से संक्रमण और बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
बसस्थानक की सबसे गंभीर समस्या रात के समय प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। शाम होते ही पूरा परिसर अंधेरे में डूब जाता है। अंधेरे और असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण रात के समय बस की प्रतीक्षा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। महिलाओं के लिए बसस्थानक परिसर में कुछ समय रुकना भी असुरक्षित महसूस होने लगा है। नागरिकों ने तत्काल प्रकाश व्यवस्था करने के साथ ही रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
नागरिकों के अनुसार बसस्थानक की समस्याओं को लेकर कई बार एसटी महामंडल के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन दिए गए। समस्या के समाधान के लिए आंदोलन भी किए गए, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गांधीजी के स्वच्छता और अनुशासन के संदेश की विरासत को संजोने का दावा करने वाले प्रशासन के सामने अब सेवाग्राम बसस्थानक की बदहाली बड़ी चुनौती बन गई है।
नागरिकों ने सेवाग्राम बसस्थानक की तत्काल मरम्मत, नियमित स्वच्छता, पर्याप्त पानी, स्वच्छतागृहों की दुरुस्ती और रात में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की गई है। नागरिकों का कहना है कि सेवाग्राम जैसे ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व के स्थान के बसस्थानक की ऐसी स्थिति पूरे क्षेत्र की छवि खराब कर रही है। प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी स्थानीय नागरिकों ने दी है।