नासिक और पालघर के बाद क्या मुंबई पर भी खतरा? महाराष्ट्र में 16 दिनों में 29 बार कांपी धरती, जानें वजह

Earthquake Swarm Maharashtra: महाराष्ट्र में 16 दिनों के भीतर 29 बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं, जिनसे नासिक और पालघर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जानिए इन अर्थक्वेक स्वार्म की वजह।
Nashik Palghar Earthquake Reasons
भूकंप की सांकेतिक फोटो(सोर्स: एआई फोटो)
Updated on

Maharashtra Earthquake Swarm Nashik Palghar: पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में जमीन के भीतर हो रही हलचल ने लोगों की नींद उड़ा दी है। महज 16 दिनों के भीतर राज्य में 29 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लगातार आ रहे इन झटकों ने न केवल आम जनता को डरा दिया है, बल्कि भू-वैज्ञानिकों के लिए भी यह गहरी चिंता और शोध का विषय बन गया है।

30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच दर्ज की गई इस भूगर्वीय गतिविधि ने लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह किसी बड़े विनाशकारी भूकंप की आहट है? और क्या माया नगरी मुंबई भी इसके निशाने पर है?

Nashik Palghar Earthquake Reasons
एयर इंडिया की नई इमारत में दिखेगा 106 शहीदों का नाम, आशीष शेलार की मांग पर सीएम फडणवीस की मुहर

नासिक और पालघर में सबसे ज्यादा हलचल

आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक बेचैनी नासिक जिले में देखी जा रही है। कुल 29 झटकों में से अकेले नासिक और उसके आसपास के इलाकों में 24 झटके दर्ज किए गए। इसके अलावा पालघर में 4 और नागपुर में 1 झटका महसूस किया गया है।

रिएक्टर पैमाने पर इन भूकंपों की तीव्रता 2.0 से 4.3 के बीच रही है। इसमें सबसे शक्तिशाली झटका 8 अगस्त को नासिक में आया था, जिसकी तीव्रता 4.3 मापी गई थी। इन सभी झटकों की गहराई जमीन के नीचे महज 5 से 8 किलोमीटर तक ही सीमित थी।

क्या होता है अर्थक्वेक स्वार्म?

वैज्ञानिकों ने महाराष्ट्र में हो रही इस लगातार हलचल को अर्थक्वेक स्वार्म या भूकंपों का झुंड नाम दिया है। आमतौर पर जब भूकंप आता है, तो एक बड़ा झटका होता है और उसके बाद छोटे-छोटे झटके आते हैं।

लेकिन स्वार्म की स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। इसमें एक ही सीमित क्षेत्र में बहुत कम समय के भीतर छोटे-छोटे भूकंपों की एक लंबी श्रृंखला आती है, जिसमें कोई एक मुख्य या बहुत तीव्र झटका नहीं होता। यह सिलसिला हफ्तों या महीनों तक जारी रह सकता है।

Nashik Palghar Earthquake Reasons
पश्चिम रेलवे पर भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात होंगे ठेका कर्मी, चर्चगेट से डहाणू के 37 स्टेशनों पर होगी नियुक्ति

आखिर क्यों कांप रही है महाराष्ट्र की जमीन?

भूकंप आने की मुख्य वजह को लेकर वैज्ञानिकों ने एक दिलचस्प थ्योरी पेश की है। IIT बॉम्बे के प्रोफेसर और भूकंप विशेषज्ञ दीपांकर चौधरी के अनुसार, नासिक का क्षेत्र डेक्कन प्लेटू में आता है, जहाँ मुख्य रूप से बेसाल्टिक चट्टानें पाई जाती हैं।

मॉनसून के दौरान इन चट्टानों की दरारों में बारिश का पानी भर जाता है। जब जमीन के नीचे पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है, तो वह ऊर्जा निकास का रास्ता ढूंढती है और छोटे-छोटे झटकों के रूप में बाहर निकलती है। विज्ञान की भाषा में इस प्रक्रिया को 'हाइड्रो-सीस्मिसीटी' कहा जाता है।

क्या मुंबई को डरने की जरूरत है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन झटकों का असर मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर पर होगा? विशेषज्ञों ने इस पर राहत भरी खबर दी है। उनके अनुसार, ये झटके जमीन की बहुत कम गहराई (3.5 से 5 किमी) में उत्पन्न हो रहे हैं।

कम गहराई में पैदा होने वाली भूकंपीय तरंगें बहुत दूर तक यात्रा नहीं कर पातीं और जल्द ही कमजोर पड़ जाती हैं। इसी कारण नासिक और पालघर में आ रहे इन झटकों से मुंबई को कोई बड़ा खतरा नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com