Wardha Farmers Kharif Crop Insurance News: महाराष्ट्र के वर्धा जिले का मौसम की अनिश्चितता और प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए जिले के 1 लाख 57 हजार 242 किसानों ने खरीफ फसलों का बीमा कराया है। किसानों ने फसल बीमा के प्रीमियम के रूप में करीब एक करोड़ रुपये जमा किए हैं। बीमा कराने वाली प्रमुख फसलों में कपास सोयाबीन तुअर मूंगफली और ज्वार शामिल हैं। वर्धा जिले में खरीफ मौसम के दौरान कपास सोयाबीन और तुअर की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।
इस वर्ष कृषि विभाग ने वर्धा जिले में 4 लाख 6 हजार 554.85 हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बुआई का अनुमान व्यक्त किया था। वहीं अब तक 4 लाख 1 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलों की बुआई हो चुकी है। फसल बुआई की अंतिम रिपोर्ट जारी होने के बाद किस फसल की कितने क्षेत्र में बुआई हुई इसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
वर्धा जिले में लगातार बदलता मौसम, अनियमित बारिश, अतिवृष्टि, बारिश में लंबा अंतराल, तेज हवाएं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में फसल बीमा योजना जिले के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हो सकती है। फसलों को नुकसान होने पर योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा मिलने का प्रावधान है।
खरीफ फसल बीमा योजना में शामिल होने के लिए किसानों को 10 अगस्त तक बीमा कराने की समयसीमा दी गई थी। अंतिम तिथि तक वर्धा जिले के 1,57,242 किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया।
बता दें कि वर्धा जिले में खरीफ फसलों पर मौसम की निर्भरता अधिक होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों द्वारा फसल बीमा को प्राथमिकता दिए जाने से संभावित प्राकृतिक जोखिमों के बीच उन्हें आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।
हिंगणघाट: 34,197 किसान (सबसे आगे)
समुद्रपुर: 30,031 किसान
देवली: 22,376 किसान
सेलू: 18,420 किसान
वर्धा: 17,936 किसान
आर्वी: 13,924 किसान
कारंजा: 12,491 किसान
आष्टी: 7,867 किसान