मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फोटो- सोशल मीडिया) 
वर्धा

महज एक सांसद नहीं, शिक्षा महर्षि भी थे मेघे; जानें कैसे उन्होंने वर्धा को बनाया उच्च शिक्षा का एक बड़ा केंद्र

Wardha News: पूर्व सांसद और शिक्षाविद् दत्ता मेघे का पवनार में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस और नितिन गडकरी सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से विदाई दी।

रूपम सिंह

Wardha Datta Meghe News: विदर्भ के सपूत, पूर्व सांसद तथा सावंगी (मेघे) स्थित अभिमत विद्यापीठ के कुलपति दत्ता मेघे का पवनार स्थित खेत में शासकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र विधायक समीर मेघे व सागर मेघे ने मुखग्नि दी। बड़ी संख्या में आए लोगों ने उन्हें अपनी अश्रूपूर्ण विदाई दी। रविवार 22 मार्च को नागपुर में निधन हो गया। उनके निधन से पूरे विदर्भ क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

सोमवार, 23 मार्च को उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए सावंगी (मेघे) स्थित उनके निवासस्थान पर लाया गया, जहां दिनभर हजारों की संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा। आम नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

राजनीति और शिक्षा क्षेत्र में बड़ा योगदान

दत्ता मेघे ने अपने जीवनकाल में शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसके कारण वे जनमानस में बेहद लोकप्रिय थे। दोपहर बाद सावंगी (मेघे) से पवनार तक उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर उनकी अंतिम झलक पाने को आतुर दिखाई दिए।

पुष्पवर्षा कर दी श्रद्धांजलि

जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने प्रीय नेता को श्रद्धांजलि दी। पूरा वातावरण गमगीन था और "दत्ता मेघे अमर रहें" जैसे नारों से परिसर गूंज उठा। शाम के समय पवनार स्थित उनके खेत में शासकीय सम्मान व पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे और भावुक माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी।

केंद्रीय मंत्री गडकरी, CM फडणवीस रहे उपस्थित

अंतिम दर्शन के लिए राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ नेता भी पहुंचे। इनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, आशीष जयस्वाल, सांसद अमर काले, पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर, पूर्व सांसद रामदास तड़स, पूर्व मंत्री राजेंद्र मूलक तथा विधायक समीर कुणावार, सुमीत वानखेडे, रणजीत देशमुख, दिलीप पनकुले, उपेंद्र कोठेकर, विधाययक मोहन मते, राजू तिमांडे, संजय गाते, शेखर शेंडे, सुरेश वाघमारे, नगराध्यक्ष सुधीर पांगल, जिलाधकिारी वान्मथी सी।, जिप सीईओ सोमण सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों का समावेश रहा। लोगों ने अपना शोक जताते हुए कहा कि दत्ता मेघे के निधन से विदर्भ ने एक दूरदर्शी नेता, शिक्षाविद और समाजसेवी को खो दिया है। दत्ता मेघे का योगदान लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेगा।

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