वर्धा में सड़कों का खस्ता हाल (कंसेप्ट फोटो) 
वर्धा

संकरे रोड पर वाहन बने यमराज, तुमसर की सड़कों पर दुर्घटनाओं की बाढ़, प्रशासन चुप

Wardha News : वर्धा में तुमसर की सड़कें अब जानलेवा बन गई है, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। इसके लिए जिम्मेदार कौन? अब यही सवाल किया जा रहा है।

प्रिया जैस

Wardha News : कुबेर नगरी के नाम से प्रख्यात नगरी में इन दिनों में दुर्घटनाओं की बाढ़ सी आ गई है इसके लिए जिम्मेदार कौन? यह सवाल नागरिकों द्वारा किया जा रहा है, इस ओर नप प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा ध्यान देने की आवश्यकता है। शहर में सब्जी बाजार सड़क पर लग रहा है, मुख्य बाजार में अतिक्रमण का जाल है और जो थोड़ी बहुत सड़क बच गई है उस पर ठेले वाले रास्ता जाम कर देते है, फिर भी नगर परिषद प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।

दूसरी ओर नगर परिषद के महान इंजीनियरिंग का कमाल देखिए एवं उनके कार्य की तारीफ इस बात से की जा सकती है कि उनके द्वारा पहले सड़क बनाई गई, फिर पाइप बिछाने के लिए जगह जगह खोद दिया गया है, खोदी गई सड़क से लोगों को जान हथेली पर रख उसी रास्तों आना जाना करना पड़ता है।

बेपरवाह दौड़ाते हैं वाहन

तुमसर से तिरोड़ा, गोंदिया, तुमसर रोड रेलवे स्टेशन, जाने वाला रोड का चौड़ीकरण किया गया। लेकिन बेपरवाह लोग ऐसे वाहन दौड़ाते है मानो किसी रेस में हिस्सा लेने जा रहे हो, यह बेलगाम दौड़ने वाले वाहन, आम लोगों के लिए काल बन गए है, तो युवाओं के लिए रेसिंग रोड, बाइक और कार ऐसी दौड़ती है मानो, मायकल शूमाकर भी अपनी रेस हार जाए, ऐसे में वह किसी को भी कुचल के मरने के लिए छोड़ कर भाग जाते हैं, और भागे क्यों ना, इंसानियत, मानवता ऐसी कोई भी संवेदना होती ही नहीं है।

भंगार हो गए सीसीटीवी कैमरे

वही हनुमान तालाब के पास लोगों के ट्रक, ट्रैक्टर रस्ते पर बिना डरे खड़े कर देते हैं क्योंकि पुलिस है पर उनको दृष्टिदोष हो गया है, उस रोड पर आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होती ही रहती है, स्पीड ब्रेकर की जरूरत है पर वहां नहीं है। कुछ वर्ष पहले नगर परिषद तथा पुलिस द्वारा तुमसर शहर में चोरी, दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से शहर के मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जो निकृष्ट दर्जे के होने के साथ, उचित देखभाल ना होने से भंगार हो गए हैं, ऐसे में कोई वारदात या दुर्घटना होने पर पुलिस विभाग आम नागरिकों के सीसीटीवी से सुराग ढूंढने की कोशिश करते है।

दिखावे के लिए होती है कार्रवाई

वैनगंगा नदी की रेत सोना होने की वजह से दिन रात उसकी चोरी कर बीच रास्ते से ट्रकों का आवागमन राजस्व और पुलिस के आशीर्वाद से होता है, दिखावे के लिए कुछ कार्रवाई होती है, मगर चोरी की रेत भरे ट्रकों को मार्गदर्शन भी इन्ही का होता है, ऐसे में लोग अपने घरों से और बच्चे स्कूल कैसे जाए, सिर्फ पैसा कमाने वाले इन कर्मचारियों को होश तब आएगा जब उनका कोई अपना दुर्घटना का शिकार होगा।

नौकरशाही से सियासत तक: दिव्या मित्तल के बाद एम नागेश्वर राव की राजनीति में एंट्री, क्या UP में बदल रहा ट्रेंड?

पीएम किसान योजना: 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसान पोर्टल पर तुरंत करें ये काम, नहीं अटकेगा पैसा

कोलकाता में मनाया जाएगा 19वां प्रवासी भारतीय दिवस, Gen-Z के लिए विशेष सेगमेंट; शेड्यूल जारी

अगर डॉलर के मुकाबले 99 तक गिरा रुपया, तो महंगा होगा पेट्रोल, पढ़ाई और विदेशी यात्रा, जानें किसको होगा लाभ

खुले आकाश में परिंदों की लंबी उड़ान, राजस्थान के जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क से आई खूबसूरत तस्वीरें