Tukaram Mundhe FDA On Food Adulteration: महाराष्ट्र में खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई अब और व्यवस्थित होने जा रही है। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्य में त्योहारों, मेलों, उर्स और धार्मिक आयोजनों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट पर नजर रखने के लिए सालभर का ‘फेस्टिवल एनफोर्समेंट कैलेंडर’ तैयार किया है। महाराष्ट्र में इस तरह का कैलेंडर पहली बार बनाया गया है। यह व्यवस्था महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच लाई गई है।
एफडीए के स्थायी आदेश के तहत त्योहारों को उनके स्तर और भौगोलिक विस्तार के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहले से तय किया जाएगा कि किन खाद्य पदार्थों की जांच होगी, उनमें किस तरह की मिलावट की आशंका है, सैंपल कैसे लिए जाएंगे और उल्लंघन मिलने पर क्या कार्रवाई की जाएगी। पूरी कार्रवाई का चक्र त्योहार से 21 दिन पहले शुरू होकर 30 दिनों तक चल सकता है।
त्योहार से 14 दिन पहले अधिकारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, मिल, बाजार, कोल्ड स्टोर, गोदाम और थोक बाजारों का निरीक्षण करेंगे। रात और सुबह के शुरुआती घंटों में खाद्य पदार्थों के परिवहन की भी जांच की जाएगी।
त्योहार के दौरान बाजारों की निगरानी, निरीक्षण और मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच होगी। त्योहार खत्म होने के बाद प्रयोगशाला रिपोर्ट, अभियोजन और जब्त किए गए खाद्य पदार्थों के निपटारे पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
त्योहारी सीजन में महाराष्ट्र एफडीए जिन पदार्थों पर सख्त निगाह रखेगा उनमें दूध और डेयरी उत्पाद, मांस, मिठाइयां, व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ, खाद्य तेल, फल, ड्राई फ्रूट्स, बेसन, पानी और बर्फ तथा बेकरी उत्पाद शामिल हैं।
इनके अलावा, व्रत में इस्तेमाल होने वाले भगार, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और राजगीरा की मायकोटॉक्सिन के लिए भी जांच की जाएगी। दूध और डेयरी उत्पादों की जांच सुबह के शुरुआती समय में उनके परिवहन के दौरान की जाएगी। वहीं, ईद के दौरान मांस की दुकानों, कोल्ड चेन और बूचड़खानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
बड़े त्योहारों से पहले और उनके दौरान इस्तेमाल किए जा रहे फ्राइंग ऑयल की टोटल पोलर कंपाउंड्स के लिए जांच की जाएगी। अगर तेल में टीपीसी की मात्रा 25 फीसदी से ज्यादा पाई गई, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा।
मिठाई की दुकानों पर भी तुकाराम मुंढे की FDA की खास नजर रहेगी। यहां प्रतिबंधित या अनधिकृत रंगों और मिलावटी चांदी के वर्क की जांच की जाएगी। खाने को पैक करने के लिए अखबार या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल करने वालों पर भी एफडीए कार्रवाई करेगा।
प्राधिकरण बेकरी, रेस्टोरेंट और क्विक-कॉमर्स वेयरहाउस में भी विशेष जांच करेगा। इसके अलावा महाप्रसाद, इफ्तार, अन्नछत्र, लंगर और भंडारे में सामूहिक रूप से परोसे जाने वाले भोजन की भी जांच की जाएगी। इन आयोजनों के लिए आयोजकों को लाइसेंस प्राप्त कैटरर्स का इस्तेमाल करना होगा और एफडीए को पहले से इसकी जानकारी देनी होगी।