Mira Road environmental protest (सोर्सः सोशल मीडिया) 
ठाणे

वर्सोवा में 23 पेड़ों की कटाई पर उठा विवाद, 300 से अधिक लोगों ने दर्ज कराई आपत्ति

Mira Road Environmental Protest: मीरा रोड (पूर्व) के वर्सोवा गांव में वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र के निर्माण के लिए 23 पेड़ों की प्रस्तावित कटाई को लेकर विवाद बढ़ गया है।

आंचल लोखंडे

Mira Road Tree Cutting Controversy: मीरा रोड (पूर्व) क्षेत्र के वर्सोवा गांव में प्रस्तावित “वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र” के निर्माण के लिए 23 पेड़ों की कटाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में एड. कृष्णा गुप्ता सहित 300 से अधिक लोगों ने मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा और उपायुक्त (पार्क) को पत्र भेजकर सार्वजनिक सूचना का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। साथ ही पेड़ों की कटाई का निर्णय होने से पहले ही जारी किए गए कार्य आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की है।

बताया गया है कि मनपा के उद्यान विभाग द्वारा 26 फरवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, सार्वजनिक निर्माण विभाग ने वर्सोवा गांव, मीरा रोड (पूर्व) में वरिष्ठ नागरिक मनोरंजन केंद्र के निर्माण के लिए पहले ही कार्य आदेश जारी कर दिया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य में बाधा बन रहे 23 पेड़ों को जड़ों सहित हटाना आवश्यक है।

नागरिकों से आपत्तियां मांगना केवल औपचारिकता

इस पर आपत्ति जताते हुए एड. कृष्णा गुप्ता ने कहा कि महाराष्ट्र (शहरी क्षेत्र) वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1975 के तहत पेड़ों की कटाई से पहले नागरिकों से आपत्तियां और सुझाव प्राप्त कर उन पर विचार करना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में अंतिम निर्णय से पहले ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्य आदेश जारी कर दिया गया, जो कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।

एड. गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य के लिए पहले ही कार्य आदेश जारी कर दिया गया है, तो नागरिकों से आपत्तियां मांगना केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है। जबकि अदालतों ने भी कई मामलों में स्पष्ट किया है कि सुनवाई की प्रक्रिया वास्तविक और प्रभावी होनी चाहिए, न कि केवल कागजी औपचारिकता।

स्थानीय नागरिकों में चिंता और असंतोष

उद्यान विभाग के नोटिस में पेड़ों के स्थान का पूरा और स्पष्ट विवरण भी नहीं दिया गया है। सर्वे नंबर, सीटीएस नंबर या प्लॉट का सटीक पता नहीं होने के कारण नागरिकों को सही जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। एड. गुप्ता ने मांग की है कि पेड़ों की कटाई पर अंतिम निर्णय से पहले जारी किया गया कार्य आदेश तुरंत रद्द किया जाए।

साथ ही निविदा और कार्य आदेश जारी करने वाले अधिकारियों की जांच कर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज और प्रशासनिक निर्णय सार्वजनिक किए जाएं।फिलहाल इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है।

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