Ulhasnagar Municipal Corporation: सात महीने के लंबे इंतजार के बाद, मनपा के 7 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति को लेकर 11 सितंबर को मनपा की विशेष महासभा आयोजित की गई थी तथा भावी मनोनीत नगरसेवको के लिए सोमवार 7 सितंबर को आवेदन प्रक्रिया होनी थी, लेकिन सोमवार की सुबह मनपा की महापौर अश्विनी निकम के आदेशासनुसार 11 सितंबर की महासभा को अनिश्चित काल के लिए उन्होंने रदद् करवा दी है। इससे एक बार फिर मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति का मामला लटक गया है।
78 सदस्यों वाली उल्हासनगर मनपा में सात स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति को लेकर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम में सोमवार को अचानक एक नाटकीय मोड़ आ गया। सात महीने बाद नियुक्ति का रास्ता साफ होने पर भाजपा और शिवसेना के उम्मीदवारों ने मजबूत मोर्चा बनाना शुरू कर दिया था। हालांकि आवेदन दाखिल करने के अंतिम समय में, महापौर के पत्र के बाद, आयुक्त मनीषा अव्हाले ने उप महापौर, सदन के नेता, स्थायी समिति के अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और सर्वदलीय समूह के नेताओं को एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से नियुक्ति स्थगित होने की सूचना दी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महापौर से अगले निर्देश प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया स्थगित रहेगी। सदस्यों की संख्या में बदलाव के चलते यह उम्मीद की जा रही थी कि स्वीकृत सात सदस्यों में से चार भाजपा से और तीन शिवसेना से होंगे इसलिए दोनों दलों के कई उम्मीदवारों द्वारा अपने वरिष्ठों को मैदान में उतारने की चर्चा थी। ऐसे में आवेदन जमा करने के दिन ही प्रक्रिया स्थगित होने से राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है। उम्मीदवारों और शहर के राजनीतिक हलकों का ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि नियुक्ति प्रक्रिया में अचानक विराम क्यों आया और अगली तारीख कब घोषित होगी।
मनोनीत नगरसेवकों की प्रक्रिया स्थगित होने के बावजूद भाजपा के छह और चार निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने अपने नामंकन फॉर्म भरें, मनपा की जनसंपर्क अधिकारी प्राजक्ता कुलकर्णी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में महापौर के निर्देश पर 7 सितंबर की फॉर्म भरने की प्रक्रिया और 11 सितंबर की विशेष महासभा स्थगित किए जाने की जानकारी दी गई थी।
भाजपा की ओर से प्रदीप रामचंदानी, धनंजय बोडारे, कपिल अड़सूल, मनोहर खेमचंदानी, भरत शिवनानी और बाला श्रीखंडे ने फॉर्म भरे। वहीं डॉ. एसबी सिंह, अच्छेलाल चौहान, डॉ. केजी नाथानी सहित एक अन्य जब फॉर्म भरने गए तो उन्हें फॉर्म भरने नहीं दिया जा रहा था, जिसके बावजूद वह मनपा आयुक्त कार्यालय के बाहर सभी जमीन पर बैठ गए और विरोध जताया जिसके बाद उन्हें नामाकन फॉर्म भरने दिया गया। उक्त मुद्दे पर भाजपा के जिलाध्यक्ष राजेश वधारिया ने स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चयन प्रक्रिया के आयोजित विशेष आमसभा का निर्णय भाजपा को विश्वास में लिए बिना लिया गया है।