

Nagpur Property Tax Recovery Action: नागपुर शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए संपत्ति कर की वसूली को अत्यंत आवश्यक बताते हुए अब महानगर पालिका ने कमर कस ली है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल के दिनों में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के निर्देश पर जोनल स्तर पर टीमों का गठन किया गया है।
अब इसे अमली जामा पहनाने के लिए आयुक्त ने बकायेदारों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कर संग्राहकों को निर्देश दिए हैं कि वे बकाया संपत्ति कर की वसूली के लिए बकायेदारों की चल और अचल संपत्ति को जब्त करने की कठोर कार्रवाई करें।
शहर में बकाया कर वसूलने के लिए नागपुर महानगरपालिका की ओर से 20 अगस्त से 30 सितंबर तक एक विशेष संपत्ति कर वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस महा-अभियान की शुरुआत महापौर नीता ठाकरे के निर्देश और आयुक्त के मार्गदर्शन में की गई है। रविवार को नियोजन भवन में आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर की अध्यक्षता में कर संग्राहकों की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अंकित, अति।
आयुक्त मिलिंद मेश्राम सहित कई उपायुक्त, सहायक आयुक्त और सभी जोन के कर संग्राहक व सुपरवाइजर उपस्थित थे। इस अभियान का नेतृत्व मनपा के अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम कर रहे हैं।
1 बकाया राशि का भुगतान न करने वालों पर प्रशासन अब कोई रहम नहीं करेगा। ऐसे लोगों के पीने के पानी का कनेक्शन काटने के अधिकार अधिकारियों को दे दिए गए हैं। यदि संपत्ति व्यावसायिक है तो वहां मौजूद चल संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
2 दूसरे बकायेदारों में खौफ और प्रशासनिक वचक निर्माण करने के उद्देश्य से आयुक्त ने निर्देश दिया है कि कार्रवाई के दौरान फोटो और वीडियो निकालकर उन्हें मीडिया में प्रचारित किया जाए। कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त आयुक्त मुरुगानंथम ने पीपीटी के माध्यम से अधिकारियों को संपत्ति जब्त करने और नोटिस बजाने की उचित प्रक्रिया के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के राजनीतिक या सामाजिक दबाव को दरकिनार करने की हिदायत दी गई है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कर संग्राहक किसी भी दबाव के आगे न झुकें। कुछ संवेदनशील या तनावपूर्ण इलाकों में कार्रवाई करने के लिए कर संग्राहक अपने साथ एनडीएस का दस्ता या पुलिस टीम ले जा सकते हैं और मांग करने पर उन्हें तुरंत पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा।
आयुक्त ने जानकारी दी कि शहर में संपत्ति कर की कुल बकाया राशि 2,250 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। इस वर्तमान अभियान के तहत 30 दिनों के भीतर इसमे से 1,000 करोड़ रुपये वसूलने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी कर संग्राहकों को सबसे ज्यादा बकाया राशि वाले लोगों की सूची तैयार करने और उनसे वसूली के लिए लगातार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
अतिरिक्त आयुक्त मिलिंद मेश्राम ने सूचना दी है कि अदालत में चल रहे विवादित मामलों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक संपत्तियों से बकाया वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
इस अभियान में कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए आयुक्त ने घोषणा की है कि कर वसूली में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर संग्राहकों को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर काम में लापरवाही बरतने वालों के लिए कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है।
कर वसूली के मुख्य काम में हिस्सा न लेने वाले, लापरवाही करने वाले या गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा संपत्ति कर विभाग के जो कर्मचारी काम के सिलसिले में अन्य विभागों में तैनात हैं, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त करने का आदेश दिया गया है। यदि संबंधित विभाग प्रमुख उन्हें कार्यमुक्त नहीं करते हैं तो उन विभाग प्रमुखों पर भी कार्रवाई की जाएगी।