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ट्रांस हार्बर लोकल में पिछले चार-पांच वर्षों से स्टेशनों के नामों का गलत उच्चारण किया जा रहा है।
ऐरोली को 'ऐरावली' और रबाले को 'राबाड़ा' बताने से यात्रियों को परेशानी हो रही है।
ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के ने शिकायत मिलने के बाद घोषणाओं में जल्द सुधार का आश्वासन दिया।
Mumbai Local Train: पिछले चार-पांच वर्षों से ट्रांस हार्बर लोकल ट्रेनों से 'अगला स्टेशन ऐरावली, रबाड़ा, कोरपाखैनी' जैसी गलत घोषणाएं की जा रही थीं। यात्रियों ने इस संबंध में रेलवे प्रशासन से कई बार शिकायत की थी। यात्रियों ने इस बात की शिकायत ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के से की, जिस पर म्हस्के ने इन घोषणाओं को जल्द ही बदलने का आश्वासन दिया।
लोकल ट्रेनों में सफर करते समय आने वाले स्टेशनों की घोषणा मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में की जाती है। हालांकि, सेंट्रल रेलवे की ट्रांस हार्बर लाइन पर ठाणे से वाशी और पनवेल जाने वाली सभी लोकल ट्रेनों में दीघा गांव स्टेशन के बाद आने वाले 'ऐरोली' स्टेशन का नाम तीनों भाषाओं में 'ऐरावली' बोला जाता है, जबकि 'रबाले' स्टेशन का नाम 'राबाड़ा' लिखा जाता है।
इस वजह से ट्रांस हार्बर लाइन पर पहली बार सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी होती है। इसके चलते कई लोग अपने गंतव्य से आगे भी निकल जाते हैं। मराठी भाषी लोगों ने इन घोषणाओं पर नाराजगी जताई है और रेलवे प्रशासन से इन घोषणाओं में सुधार करने और स्टेशनों के नामों का सही उच्चारण करने की मांग की है।
महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग द्वारा वर्ष 2005 में केंद्रीय रेलवे को भेजे गए एक महत्वपूर्ण पत्र में ट्रांस हार्बर रेलवे लाइन के स्टेशनों के नामों में गंभीर रूप से गलत वर्तनी पाई गई है। 5 फरवरी 2005 के इस पत्र में ठाणे-तुर्भे नई रेलवे लाइन पर स्टेशनों के स्वीकृत नामों का उल्लेख करते समय, 'ऐरोली' के स्थान पर 'ऐरावाली', 'राबले' के स्थान पर 'रबाडा' और 'कोपरखैरने' के स्थान पर 'कोपर खैरना' जैसे गलत नाम आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज किए गए है।
इन गलतियों से स्थानीय नागरिकों की भौगोलिक पहचान को ठेस पहुंच रही है और रेल यात्रियों को प्रतिदिन परेशानी हो रही है। ट्रांस हार्बर लाइन मुंबई और नवी मुंबई को जोड़ने वाली एक प्रमुख रेलवे परियोजना है। इस मार्ग पर प्रतिदिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं।
ऐसे में, आधिकारिक दस्तावेजों में गलत नाम होने के कारण यात्रियों को टिकट बुकिंग, प्लेटफॉर्म की पहचान और स्थानीय सलाह प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। इस पत्र में अंग्रेजी, हिंदी और मराठी (देवनागरी) तीनों भाषाओं में गलत नाम दिए गए हैं।