अंबरनाथ नगर परिषद (pic credit; social media) 
ठाणे

50 लाख में बना स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार, न पानी न सफाई, मरीज और डॉक्टर बेहाल

Thane news: अंबरनाथ नपा का पश्चिमी स्वास्थ्य केंद्र बदहाल स्थिति में है जहां छह महीने से पानी और सफाई की सुविधा नहीं है। इससे डॉक्टरों, स्टाफ और मरीजों को भारी असुविधा हो रही है।

सोनाली चावरे

Ambarnath Nagar Palika: अंबरनाथ नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए स्वास्थ्य केंद्र की हालत इतनी खराब हो जाएगी, शायद किसी ने सोचा भी नहीं था। अंबरनाथ पश्चिम में स्थित नगर पालिका का स्वास्थ्य केंद्र बीते छह महीनों से पानी और साफ-सफाई की मूलभूत सुविधा से वंचित है। हालत यह है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हाथ धोने तक के लिए पानी नहीं मिलता और शौचालय के लिए भी उन्हें बाहर से पानी लाना पड़ता है।

पानी की कमी के चलते स्वास्थ्य कर्मचारियों को मजबूरी में अपनी जेब से पानी खरीदना पड़ता है। वहीं मरीजों की जांच के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ को बार-बार हाथ धोने की आवश्यकता होती है, लेकिन पानी न मिलने से वे सैनिटाइजर पर निर्भर रहते हैं। यह स्थिति खासकर महिला डॉक्टरों और महिला कर्मचारियों के लिए बेहद असुविधाजनक है।

स्वास्थ्य केंद्र के बाहर गंदगी का अंबार भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। मरीजों और डॉक्टरों को इसी गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। रात में तो हालात और भी बिगड़ जाते हैं क्योंकि परिसर शराबियों का अड्डा बन चुका है। सुबह होते ही शराब की बोतलें और कचरे का ढेर यहां दिखाई देता है।

मनसे के शहर उपाध्यक्ष ऐसामुद्दीन खान ने नगर पालिका की लापरवाही पर कड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जिस स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर 50 लाख रुपये खर्च हुए, वही अब जर्जर हालत में है और नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है। उनके अनुसार, इस केंद्र पर करीब 20 हजार नागरिक निर्भर हैं लेकिन सुविधाओं की कमी से मरीज और कर्मचारी दोनों ही परेशान हैं।

नपा के इंजीनियर विनोद राठौड़ ने इस मुद्दे को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि पानी और सफाई की समस्या जल्द ही हल की जाएगी। फिलहाल नागरिकों की उम्मीदें नगर पालिका के अगले कदम पर टिकी हैं।

जयंती विशेष: गांधी जी ने की थी चोरी, फिर पिता को लिखी चिट्ठी; पढ़कर आंखों में आ गए थे आंसू

जयंती विशेष: गांधी जी ने क्यों चुना था वर्धा का सेवाग्राम? जानें साबरमती से सेवाग्राम तक की पूरी कहानी

Mahatma Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी को करीब से समझना है तो पढ़ें ये 3 किताबें

जन्मदिन विशेष: जब सरोजिनी नायडू ने महात्मा गांधी को प्यार से पुकारा था मिकी माउस, जानिए वो मजेदार किस्सा

बंगाल में पूर्व जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी ने की SIR ड्यूटी से हटने की मांग! पत्र में किया परेशानी का जिक्र