Thane Societies Loud DJ During Ganeshotsav: ठाणे जिले में अंबरनाथ के गृह निर्माण सोसायटियों में गणेशोत्सव के दौरान तेज कान फाडू आवाज में डीजे बजाने की शिकायत मिलने पर अब सोसायटी पदाधिकारियों को जिम्मेदार मानकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसा आदेश अंबरनाथ के सहायक निबंधक राजेंद्र मरकड ने इस संबंध में जारी किया है।
इस साल गणेशोत्सव 14 से 25 सितंबर के बीच मनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के साथ ही सरकार ने डीजे की कर्कश, कान फाडू, हृदय वेदना युक्त आवाज पर लगाम लगाने के आदेश पुलिस को तो दिया ही गया था। अब निर्देशानुसार रिहायशी इलाके में ध्वनि की सीमा 45 डेसिबल के आसपास रखनी है। इस सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे के खिलाफ शिकायत मिलने पर सोसायटी प्रबंधन जिसमें चेयरमैन, अध्यक्ष, सेक्रेटरी, खजांची अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहकार विभाग प्रमुख राजेंद्र मरकड ने गणेशोत्सव के मद्देनजर अंबरनाथ और बदलापुर शहर की सभी हाउसिंग सोसायटियों को पत्र जारी किया है। इसमें सोसायटी परिसर और रिहायशी इलाकों में डीजे की तेज आवाज पर नियंत्रण रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने पदाधिकारियों से ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। साथ ही, डीजे संचालकों द्वारा तय सीमा से अधिक आवाज में संगीत बजाने पर तत्काल रोक लगाने की जिम्मेदारी सोसायटी प्रबंधन की होगी। नियमों का उल्लंघन होने पर शिकायत के आधार पर संबंधित सोसायटी पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, तेज आवाज में डीजे बजने से वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और छोटे बच्चों को काफी परेशानी होती है। लगातार तेज शोर का असर हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों पर भी पड़ सकता है। गणेशोत्सव के दौरान ऐसी समस्याओं को देखते हुए इस बार ध्वनि प्रदूषण की निर्धारित सीमा का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन और सहकार विभाग की ओर से सोसायटियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस बार गणेशोत्सव शांतिपूर्ण माहौल में और कानफोड़ू डीजे के शोर से मुक्त रहेगा।