ठाणे जल आपूर्ति कटौती (सोर्सः सोशल मीडिया) 
ठाणे

Thane Shahpur Water Crisis: मुंबई को पानी देने वाला शहापुर खुद प्यासा, 57 हजार लोग टैंकरों पर निर्भर

Thane Shahapur Water Crisis Update: मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले शहापुर और मुरबाड के आदिवासी इलाकों में भीषण जल संकट गहरा गया है। 57 हजार से अधिक लोग टैंकरों के सहारे पेयजल पाने को मजबूर हैं।

अपूर्वा नायक

Thane Shahapur Water Crisis News: मुंबई महानगर क्षेत्र को पानी की आपूर्ति करने वाले ठाणे जिले के आदिवासी तहसील शहापुर क्षेत्र निवासी भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। तहसील के अलग-अलग इलाकों में बड़े-बड़े डैम हैं।

जिससे मुंबई व आस -पास के उपनगरों में पानी की सप्लाई होती है, लेकिन स्थानीय लोग टैंकरों पर निर्भर हैं और पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जिले मुरबाड एवं शहापुर तहसील के दुर्गम आदिवासी इलाकों के 172 गांव और वाड़ी में टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। पानी की किल्लत से जूझ रहे 52 हजार से अधिक नागरिकों की प्यास बुझाने को लेकर जिला परिषद प्रशासन की तरफ से 40 निजी टैंकरों की व्यवस्था की गयी है।

ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग की योजना

गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत अधिक महसूस की जा रही है। ठाणे जिला परिषद के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग ने योजना तैयार करके पानी की कमी वाले जिले के दूर-दराज के इलाकों में पानी पहुंचाने का काम शुरू किया है। पानी की कमी दूर करने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से तुरंत किए गए उपायों की वजह से दुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों को राहत मिली है। ठाणे जिला परिषद के ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में पानी की कमी को कम करने के लिए प्रशासनिक मशीनरी चौबीसों घंटे काम कर रही है। पानी की कमी वाले 38 गांवों और 134 वाडों के लोगों को समय पर साफ और पर्याप्त पीने का पानी दिया जा रहा है।

भौगोलिक कारणों से शहापुर में हर साल पानी की कमी

  • भौगोलिक कारणों से हर साल पानी की भारी कमी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले शहापुर तालुका में इस साल जिला प्रशासन ने विशेष सावधानी बरती है और बहुत बारीकी से योजना तैयार की है।
  • शहापुर के पानी की कमी से प्रभावित गांवों और पाड़ों में रहने वाले लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला परिषद ने निजी टैंकर लगाए हैं। यहां के 33 गांव और 124 वाडियां पानी की कमी से प्रभावित हैं और जिला परिषद ने 37 निजी टैंकर लगाए है, ताकि वहां के 52 हजार 92 लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

सही प्रबंधन से मिली मदद

  • मुरबाड तालुका में भी प्रशासनिक सिस्टम पूरी तरह अलर्ट है और वहां के 5 प्रभावित गांवों और 10 वाडियों में रहने वाले 4 हजार 916 लोगों की आबादी के लिए 3 निजी टैंकरों से नियमित और बिना रुकावट पानी की सप्लाई जारी रखी गई है। सबसे जरूरी बात यह है कि गर्मियों की शुरुआत में की गई तैयारियों और सही प्रबंधन की वजह से, जिले के अंबरनाथ, भिवंडी और कल्याण तालुका में हालात पूरी तरह से कंट्रोल में हैं और वहां कोई बड़ी कमी नहीं आई है।
  • कुल मिलाकर देखें तो, पूरे ठाणे जिले में कुल 38 गांव और 134 वाडियां अभी पानी की कमी से प्रभावित है, और प्रशासन ने इन सभी इलाकों के 57 हजार 8 नागरिकों की प्यास बुझाने के लिए कुल 40 निजी टैंकर चालू किए है। प्रशासन ने जरूरत के हिसाब से निजी टैंकर लेने और पूरे जिले में कमी से प्रभावित हर घर तक पानी पहुंचाने का पूरा इंतजाम किया है।

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