डीजल संकट से देशभर में 60 लाख कमर्शियल वाहन खड़े, रोजाना 21 अरब का नुकसान

Diesel Shortage Commercial Vehicles: डीजल संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों ने परिवहन व्यवस्था को झकझोर दिया है। 60 लाख कमर्शियल वाहन प्रभावित होने से माल ढुलाई और उद्योगों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
Diesel Shortage Commercial Vehicles News
इंडिया डीज़ल की कमी का संकट (सौ. सोशल मीडिया )
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Diesel Shortage Commercial Vehicles News: फ्यूल की बढ़ती कीमतों और चुनिंदा पंपों पर आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण माल ढुलाई पर असर पड़ रहा है। देश के 40 फीसदी यानी 60 लाख कर्मशियल वाहन डीजल न मिलने के कारण सड़कों पर खड़े हो गए हैं।

इससे प्रतिदिन 21 अरब रुपये का नुकसान हो रहा है। ड्राइवरों को डीजल भरवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में देरी और ट्रकों के परिचालन प्रभावित होने से कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। डीजल की भारी किल्लत से आम लोगों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है।

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो चुका है। स्थिति यह है कि कई पंपों पर रात से ही वाहनों की लंबी कतारें लग जा रही हैं। कई पेट्रोल पंपों पर नो स्टॉक का बोर्ड लटका दिया गया है।

डीजल नहीं मिलने से भारी वाहनों, ट्रैक्टरों और व्यावसायिक गाड़ियों के चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य मार्गों पर ईंधन के लिए ट्रकों की कतारें लगने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। इससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कगार पर है। पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से गैलन में डीजल देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

ट्रांसपोर्टर अब लड़ रहे अस्तित्व की लड़ाई

ईंधन मूल्य वृद्धि ने पहले से आर्थिक संकट झेल रहे परिवहन उद्योग की स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है, डीज़ल अकेले ट्रक संचालन लागत का लगभग 50-55 प्रतिशत हिस्सा होता है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों, टोल, बीमा, टायर, मेंटेनेंस और अनुपालन खचों के कारण ट्रांसपोर्टर अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। ईंधन उपलब्धता में बाधा उद्योगों, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर बड़ा असर डालती है।

अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही

तीसरी बार पयूल में बढ़ोतरी की गई है। धीरे-धीरे 15 से 20 रुपये बढ़ाए जाने की संभावना है। सरकार स्थिति साफ करे, ताकि हम संबंधितों से बातचीत करके आगे का निर्णय ले सकें। अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। माल ढुलाई प्रभावित होने से छाटे कारखानों सहित बड़ी इंडस्ट्री में उत्पादन ठप हो रहा है। - बल मलकीत सिंह, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस

पेट्रोल-डीजल की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी

पिछले दस दिनों में पेट्रोल, डीजल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सीएनजी भी 1 रुपए महंगी हो गई है। इस स्थिति से आवश्यक वस्तुओं और औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है।

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