Thane Metro Line 4 Project Delay: शहर के घोडबंदर रोड पर होने वाली ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए एमएमआरडीए की तरफ से मेट्रो -4 वडाला -कासारवडवली परियोजना वर्ष 2019 में शुरू की गयी थी।
पिछले वर्ष 22 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ठाणे में मेट्रो रूट-4 व 4A (गायमुख से विजय गार्डन) का ट्रायल रन शुरू हुआ था। लेकिन मनपा चुनाव के बाद सब कुछ ठंडा हो गया।
जिसकी वजह से ठाणे वासियों को मेट्रो में सफ़र करने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। सूत्रों की मानें तो 2027 के पहले मेट्रो का दौड़ना मुश्किल है। ट्रायल रन में उपयोग हुए डिब्बे धूल खा रहे हैं। जबकि कार शेड का निर्माण कार्य रुका हुआ है। स्टेशन निर्माण, यंत्रणा, सिग्नल विद्युत व्यवस्था सहित अन्य काम अभी पूरे नहीं हुए हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में गायमुख और कासारवडावली के बीच मेट्रो का टेस्ट रन किया गया था। उस समय मनपा के चुनाव होने वाले थे, उस समय कांग्रेस की तरफ से इसको लेकर सवाल उठाये गए थे, तब सत्तापक्ष की तरफ से कहा गया था कि दिसंबर तक फेज वन शुरू हो जायेगा। कैडबरी जंक्शन से गायमुख तक मेट्रो का सफर ठाणे के नागरिक कर सकेंगे, बाद में यह डेड लाइन बढ़ा कर मार्च 2026 कर दी गयी। लेकिन मेट्रो के काम को देखते हुए वर्ष 2026 के आखिर तक मेट्रो चल पायेगी, इस पर आशंका जतायी जा रही है। ठाणे मेट्रो प्रोजेक्ट पिछले कुछ सालों में राजनीतिक घोषणाओं का केंद्र रहा है। चुनावों से पहले प्रोजेक्ट के माइलस्टोन, टेस्टिंग और उद्घाटन की तारीखों को खूब प्रचारित किया गया था। लेकिन, असल में, डेडलाइन को बार-बार आगे बढ़ाया जा रहा है।
बताया गया कि एमएमआरडीए प्रशासन प्रोजेक्ट के पहले फेज में गायमुख से कपूरबावड़ी सेक्शन को अगस्त तक शुरू करने की कोशिश कर रहा है। उसके बाद, कापूरबावड़ी से गांधीनगर (कंजूर मार्ग) तक का दूसरा फेज दिसंबर तक पूरा करने का प्लान है। प्रशासन दावा कर रहा है कि वडाला से गायमुख का पूरा रूट 2027 तक चालू हो जाएगा, लेकिन ऐसा लगता है कि मेट्रो रूट पर कई स्थानों पर बन रहे स्टेशनों का काम अभी भी अधूरा है। कुछ स्थानों पर सिर्फ़ स्ट्रक्चर ही बना है, और एस्केलेटर, प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रकल सिस्टम और एंट्रेंस पर काम अभी भी चल रहा है।
मुंबई मेट्रो-4 प्रोजेक्ट में सबसे अधिक जरूरी और संवेदनशील मुद्दा मोगरपाड़ा कार शेड है। कार शेड को मेट्रो के मेंटेनेंस, पार्किंग और टेक्निकल ऑपरेशन के लिए ज़रूरी माना जाता है। लेकिन, इस कार शेड पर काम पूरी कैपेसिटी से शुरू नहीं हो पायाहै, इसलिए यह उम्मीद जताई जा रही है कि मेट्रो की रेगुलर सर्विस शुरू करने में बड़ी रुकावटें आ सकती हैं।
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ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 'टेस्टिंग तो बस एक सिंबॉलिक स्टेज है। असल सर्विस शुरू करने के लिए, स्टेशन, सिग्नल सिस्टम, इलेट्रिकल सिस्टम और कार शेड का पूरी कैपेसिटी से काम करना ज़रूरी है। ये सभी काम अधूरे हैं, इसलिए ठाणेकरों को मेट्रो सफर के लिए 2026 के आखिर तक इंतजार करना होगा।