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घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए मेट्रो सेवा दिसंबर में शुरू करने की तैयारी।
प्रस्तावित शुरुआती मार्ग गायमुख से कासारवडवली होते हुए कैडबरी जंक्शन तक है।
मेट्रो लाइन 4 और 4ए की कुल लंबाई 35.20 किलोमीटर बताई गई है।
पूरी परियोजना में कुल 32 स्टेशनों की योजना है।
नांगला बंदर चौपाटी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है।
MMRDA Metro Project: दिवाली के मौके पर ठाणेकरों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। घोड़बंदर रोड पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की दिशा में मेट्रो परियोजना का पहला चरण दिसंबर में शुरू करने की तैयारी है।
गायमुख से कासारवडवली होते हुए कैडबरी जंक्शन तक मेट्रो सेवा शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होने और यात्रियों का सफर आसान होने की उम्मीद है। यह जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी।
ठाणे के घोड़बंदर क्षेत्र में रहने वाले हजारों नागरिकों को रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। पीक आवर्स में घंटों तक सड़कों पर फंसे रहने वाले वाहन चालकों और यात्रियों के लिए मेट्रो एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है। मेट्रो सेवा शुरू होने से यात्रा के समय और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
मेट्रो लाइन 4 और 4ए की कुल लंबाई 35.20 किलोमीटर है। इस परियोजना के तहत कुल 32 स्टेशनों की योजना बनाई गई है। पूरी मेट्रो मार्गिका शुरू होने पर मुंबई, ठाणे और पूर्व-पश्चिम उपनगरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है।
ठाणे में परिवहन सुविधाओं के साथ पर्यटन विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। गायमुख चौपाटी और कान्होजी आंग्रे स्मारक के विकास के लिए करीब 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उपमुख्यमंत्री एवं मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे की प्रेरणा से इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
इसके अलावा, नांगला बंदर चौपाटी क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इन परियोजनाओं से स्थानीय पर्यटन, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विश्वास जताया कि मेट्रो, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास से अगले दो वर्षों में ठाणे का स्वरूप अधिक आधुनिक और आकर्षक होगा। अब ठाणेकरों की निगाहें दिसंबर में प्रस्तावित मेट्रो शुरुआत पर टिकी हैं।
घोषणा के साथ ही नागरिकों को उम्मीद जगी है कि लंबे समय से यातायात की परेशानी झेल रहे शहर को जल्द ही बेहतर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलेगा।