

प्रताप सरनाईक का दावा: अगला चुनाव जीतकर एकनाथ शिंदे फिर बनेंगे मुख्यमंत्री।
सूखा प्रभावित किसानों की मदद करने की कार्यकर्ताओं से अपील।
मीरा-भाईंदर में आयुक्त विवाद पर सरनाईक और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता आमने-सामने।
Bhayandar Municipal Corporation: महाराष्ट्र में दशहरा मेलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद एकनाथ शिंदे फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।
वहीं, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में हुई मारपीट और मनपा आयुक्त के आवास पर देर रात पहुंचे भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के मामले ने भी राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है।
प्रताप सरनाईक ने कहा कि संख्या बल के कारण एकनाथ शिंदे फिलहाल उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव जीतकर उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाएगी। उनके मुताबिक, आम शिवसैनिकों से लेकर पार्टी के नेताओं तक की इच्छा है कि शिंदे फिर राज्य की कमान संभालें।
सरनाईक ने कहा कि राजनीति में संख्या बल महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण पार्टी अपना जनाधार मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शक्ति प्रदर्शन करने के बजाय सूखा प्रभावित किसानों की मदद करने की अपील भी की। उनके अनुसार, शिंदे के निर्देश पर कार्यकर्ता संकटग्रस्त किसानों को भोजन, पानी और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड को लेकर सरनाईक ने विरोधियों पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से बातचीत की है और सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की महासभा में नागरिकों और पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। घटना के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ आधी रात मनपा आयुक्त के आवास पर पहुंचे। इस कदम पर प्रताप सरनाईक ने कड़ी आपत्ति जताई।
सरनाईक ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखकर विधायक तथा संबंधित पदाधिकारियों के पद रद्द करने की मांग की। उनका आरोप है कि भीड़ के जरिए आयुक्त पर दबाव डालकर झूठे मुकदमों को रोकने की कोशिश की गई।
वहीं, नरेंद्र मेहता ने कहा कि आयुक्त से उनकी मुलाकात पहले से तय थी। उनके मुताबिक, मुलाकात का उद्देश्य अनुपस्थित पार्षदों के नाम पुलिस की सूची से हटाने की मांग करना था।
इस घटनाक्रम के बाद मीरा-भाईंदर में राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। अब प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।