Thane Ka Raja Govinda Pathak: दही हंडी उत्सव के पहले ही मुंबई ठाणे में गोविंदा पथकों की प्रैक्टिस शुरू हो चुकी है। उत्सव से पहले ठाणे के प्रसिद्ध ‘ठाणे का राजा’ गोविंदा पथक ने अभ्यास के दौरान 9 थर (मानव पिरामिड) खड़े कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
पाचपाखाड़ी के नामदेववाड़ी नाका स्थित अभ्यास स्थल पर शनिवार रात गोविंदाओं ने सफलतापूर्वक 9 थर की सलामी दी। कई वर्षों से अभ्यास स्थल पर 9 थर खड़े करने का सपना देख रहे पथक के सदस्यों ने इस उपलब्धि के बाद जमकर जश्न मनाया।
इस वर्ष अभ्यास की शुरुआत से ही पथक ने 9 थर खड़े करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए पथक के युवा दिनभर काम करने के बाद रात देर तक नियमित रूप से अभ्यास कर रहे थे। कई महीनों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बाद आखिरकार शनिवार रात उनका संकल्प पूरा हुआ।
पूर्व नगरसेवक तुकाराम वाडकर की पहल से शुरू हुए इस गोविंदा पथक ने ठाणे के दहीहंडी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। टेंभी नाका पर धर्मवीर आनंद दिघे द्वारा शुरू किए गए दहीहंडी उत्सव में ‘ठाणे का राजा’ गोविंदा पथक ने पहली बार 8 थर खड़े करने का रिकॉर्ड बनाया था। इस प्रदर्शन के बाद पथक को ठाणे में विशेष पहचान मिली।
हालांकि, बीच के वर्षों में पथक की गतिविधियों में कुछ कमी आई थी। इसके बाद इलाके के युवाओं ने एकजुट होकर पथक की जिम्मेदारी संभाली और नए उत्साह के साथ दोबारा अभ्यास शुरू किया। गोविंदाओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए जोश से भरा गीत तैयार किया गया, जबकि आकर्षक टी-शर्ट भी बनवाई गईं।
पिछले वर्ष ‘ठाणे का राजा’ ने विभिन्न दहीहंडी उत्सवों में 9 थर सफलतापूर्वक खड़े किए थे। लेकिन अपने अभ्यास स्थल पर 9 थर खड़े करने का सपना अब तक अधूरा था। शनिवार रात इस लक्ष्य को हासिल कर पथक ने अपने वर्षों पुराने सपने को साकार कर लिया। 9 थर की सफल सलामी के बाद गोविंदाओं और स्थानीय युवाओं ने जमकर जश्न मनाया। दहीहंडी उत्सव से पहले ही इस उपलब्धि ने ठाणे के गोविंदा पथकों में उत्साह का माहौल बना दिया है।